Rajasthan Vidhansabha : एमएलए अशोक कोठारी की मांग-मां-बाप को नकारने वाली बेटी को नहीं मिले संपत्ति
RNE Jaipur.
राजस्थान विधानसभा में बुधवार को एक विधायक ने मांग उठाई कि उन बेटियों को मां-बाप की संपत्ति मंे हिस्सा नहीं मिलना चाहिए जिन्होंने दूसरे समाज में शादी करते हुए अपने माता-पिता को नकार दिया।
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भीलवाड़ा के विधायक अशोक कुमार कोठारी ने इस मांग के जरिये उन माता-पिता का दर्द जाहिर किया जिनकी बेटियां लव-जिहाद या किसी अन्य तरीके से अन्य समाज के लड़के से शादी कर लेती है। थाने में रिपोर्ट होने के बाद कोर्ट मंे ये बेटियां अपने माता-पिता को नकार देती है और यहां तक कहती है कि माता-पिता से अब हमारा कोई रिश्ता नहीं।
कोठारी का कहना है, हिन्दू विवाह अनिधियम के अंतर्गत माता-पिता की संपत्ति में बेटे-बेटी का समान अधिकार है। बेटियां अपनी मनमर्जी से दूसरे समाज के लड़के से शादी कर लेती है। कोर्ट, थाने में माता-पिता को पहचानने से इनकार करने या उनसे किसी तरह का रिश्ता नहीं रहने की बात कह देती है।
माता-पिता की मृत्यु हो जाने पर उनकी संपत्ति का हिस्सा नियमानुसार बेटियों के नाम भी दर्ज हो जाता है। ये बेटियां मौके पर नहीं आती लेकिन अपना हिस्सा किसी और को बेच देती है। ऐसे में पैतृक संपत्ति पर विवाद या दूसरे व्यक्ति काबिज होने लगते हैं। परिवार-न्यायालय मंे विवाद बढ़ते हैं।
कोठारी ने कहा प्रदेश मंे ऐसे विवाद बढ़ रहे हैं। ऐसे विवादों पर अंकुश लगाने के लिए राजस्थान काश्तकारी अधिनियिम और भू-राजस्व अधिनियम में प्रावधान करना जरूरी है। ऐसे प्रावधान करने से लव-जिहाद जैसे मामलों पर भी अंकुश लगेगा।