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Rajasthan Development : राजस्थान का यह शहर होगा जगमग, गलियों को पोल रहित बनाने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग

उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) अब शहर को सिर्फ स्मार्ट ही नहीं

 

राजस्थान सरकार द्वारा शहरों को जगमग बनाने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) अब शहर को सिर्फ स्मार्ट ही नहीं, बल्कि थीम्ड लाइटिंग सिटी के रूप में विकसित करेगा। शहर की प्रमुख सड़कें, चौराहे, झील किनारे, पार्क, कॉलोनियां और प्राधिकरण क्षेत्र आधुनिक विद्युतिकरण, डेकोरेटिव पोल, अंडरग्राउंड केबलिंग और सौर ऊर्जा संयंत्रों से जगमगाएंगे। इस पूरे विजन पर 47.70 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जबकि सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर 12 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित किया गया है।

सबसे खास बात यह होगी कि अब उदयपुर के अलग-अलग इलाकों में थीम्ड लाइटिंग विकसित की जाएगी। जिस तरह प्रतापनगर-बलीचा बाईपास क्षेत्र में महाराणा प्रताप थीम पर विशेष लाइट पोल लगाए गए है, उसी तरह शहर के अन्य हिस्सों को भी उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान के अनुसार सजाया जाएगा। यानी कही मेवाड़ की शौर्य गाथा दिखेगी, कहीं झीलों की थीम, कहीं जनजातीय कला की झलक और कहीं आधुनिक अर्बन डिजाइन का संगम नजर आएगा।

शहर की इन मुख्य सड़कों को किया शामिलः यूडीए की ओर से शहर की कई प्रमुख सड़कों पर एलईडी और डेकोरेटिव पोल लगाए जाएंगे। इनमें बड़गांव आरा मशीन से नेशनल हाईवे-27, जड़ाव नर्सरी से कलड़वास, रामपुरा चौराहे से नादेश्वरजी तिराहे तक, बलीचा तिराहे से सेठजी की कुण्डाल फ्लाईओवर तक और शोभागपुरा से महिला थाना व जीएसएस तक की 100 फीट सड़कें शामिल है। इन मार्गों पर केवल स्ट्रीट लाइट नहीं लगेगी, बल्कि हर कॉरिडोर को एक अलग पहचान देने वाली थीम आधारित सजावटी लाइटिंग होगी। इससे शहर का रात का दृश्य पूरी तरह बदल जाएगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

झीलों के किनारे 8.75 करोड़ से डेकोरेटिव पोल

फतहसागर झील परिधि में डेकोरेटिव लाइट पोल लगाने पर 8.75 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके जरिए झील किनारे का पूरा इलाका रात में नया केंद्र बनेगा। केवल रोशनी ही नहीं, बल्कि डिजाइनर पोल, आर्टिस्टिक लाइटिंग और स्मार्ट इल्यूमिनेशन से यहां का नाइट व्यू पूरी तरह बदल जाएगा। इसके अलावा फतहसागर झील, उदयसागर झील और लखावली तालाब में एरियेटर जेट फ्लोटिंग फाउंटेन लगाए जाएंगे। इन फाउंटेन के जरिए झीलों की सुंदरता बढ़ाने के साथ जल संरक्षण और ऑक्सीजन संतुलन में भी मदद मिलेगी।

पार्क सर्कल, सार्वजनिक स्थल होंगे हाईटेक

अटल पार्क (सबसिटी सेंटर) में आधुनिक लाइटिंग और फाउंटेन लगाए जाएंगे। पुला सर्कल से शोभागपुरा और मीरानगर 80 फीट रोड जैसे क्षेत्रों में भी डेकोरेटिव एलईडी पोल लगेंगे, इससे शहर के आवासीय और व्यावसायिक इलाकों की खूबसूरती बढ़ेगी।

करोड़ों की बिजली बचाएगी सौर ऊर्जा

यूडीए अब पारंपरिक बिजली खर्च कम करने के लिए बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा को अपनाने जा रहा है। वर्ष 2025-26 में प्राधिकरण के सामुदायिक भवनों, खेलगांव, रामगिरी पहाडी और सीवरेज पंपिंग स्टेशनों पर करीब 230 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इनके शुरू होने से हर साल लगभग 18 लाख रुपए की बिजली बचत हो रही है। अब अगले चरण में ग्रुप नेट मेटरिंग (जीएनएम) के तहत 2 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जाएगा।

इससे प्रतिवर्ष करीब 30 लाख यूनिट बिजली उत्पादन होगा और यूडीए को लगभग 2 करोड़ रुपए सालाना बचत होगी। यह बिजली स्ट्रीट लाइट्स, कार्यालयों, सीवरेज सिस्टम और गार्डन कनेक्शनों में उपयोग होगी। वर्तमान में यूडीए क्षेत्र का कुल विद्युत भार लगभग 4 मेगावाट के बराबर है, इसलिए आगे आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से अत्तिरिक्त सौर संयंत्र भी लगाए जाएंगे।

यूडीए सचिव हेमेन्द्र नागर ने कहा कि आने वाले वर्षों में उदयपुर की पहचान केवल झीलों के शहर के रूप में नहीं, बल्कि रोशनी और हरित ऊर्जा के शहर के रूप में भी बनने की तैयारी है। रात के समय जगमगाते थीम्ड कॉरिडोर, आधुनिक फाउंटेन, अंडरग्राउंड केबलिंग और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं उदयपुर को देश के चुनिंदा आधुनिक और सुंदर शहरों की कतार में खड़ा करेगी।