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Rajasthan : सौर ऊर्जा उत्पादन में दबदबा, "राइट ऑफ वे" बनाने की जरूरत, जानिए इससे होगा क्या फायदा!

Rajasthan Green Energy : चीफ सेक्रेटरी वी श्रीनवासन चाहते हैं ये काम जल्द पूरा हो, IAS आरती डोगरा सहित अधिकारियों को हिदायत

 

ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के लिए ‘राइट ऑफ वे’ की बाधाएं जल्द दूर करने के निर्देश, इंटर-स्टेट और इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता

Rudra News Express Jaipur. 

राजस्थान देश में सौर ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन चुका है, लेकिन अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं से पैदा होने वाली बिजली की निर्बाध निकासी के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क भी उतना ही जरूरी है। इसी को देखते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदेश में चल रही इंटर-स्टेट और इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इनके रास्ते में आ रही ‘राइट ऑफ वे’ की बाधाओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं।

शासन सचिवालय में  पावर ग्रिड और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्य सचिव ने ट्रांसमिशन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित हो रही हैं। इनसे उत्पादित बिजली की सुगम और निर्बाध निकासी के लिए उच्च क्षमता वाला ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करना आवश्यक है।

क्यों जरूरी है ‘राइट ऑफ वे’?

ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए जिन जमीनों से होकर लाइन गुजरती है, वहां आवश्यक कानूनी अनुमति और भूमि उपयोग का अधिकार हासिल करना ‘राइट ऑफ वे’ से जुड़ा होता है। जमीन, मुआवजे, स्थानीय आपत्तियों या अन्य प्रशासनिक कारणों से इसमें देरी होने पर पूरी ट्रांसमिशन परियोजना प्रभावित हो सकती है।

मुख्य सचिव ने ऐसी बाधाओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। ऊर्जा विभाग ने बताया कि संबंधित जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

 सोलर पार्कों की बिजली दूसरे राज्यों तक पहुंचेगी ; 

बैठक में पावर ग्रिड ने सोलर पार्कों से पैदा होने वाली बिजली को बिना ट्रिपिंग के दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के लिए अधिक क्षमता वाली हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) ट्रांसमिशन लाइनों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। HVDC जैसी उच्च क्षमता वाली ट्रांसमिशन व्यवस्था राजस्थान में पैदा होने वाली अतिरिक्त अक्षय ऊर्जा को बड़े बिजली उपभोग वाले दूसरे राज्यों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

समय पर परियोजनाएं पूरी करना लक्ष्य : 

मुख्य सचिव ने कहा कि आधुनिक और उच्च क्षमता वाला ट्रांसमिशन ग्रिड प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी योगदान देगा। इसलिए लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाना जरूरी है। उन्होंने पावर ग्रिड के अधिकारियों से लंबित परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। पावर ग्रिड ने राज्य सरकार के सहयोग से सभी ट्रांसमिशन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता जताई। बैठक में पावर ग्रिड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वीआर मोहन बुर्रा, शासन सचिव ऊर्जा आरती डोगरा, अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रोहित गुप्ता सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।