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राजस्थान कर्मचारियों को पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट, सचिवालय में 149 नए पदों को मंजूरी

 

RNE Network.
 

राज्य में कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए जरूरी सेवा अवधि या अनुभव में अब दो वर्ष की छूट दी जाएगी। इस वित्तीय वर्ष की बजट घोषणा के अनुरूप मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने यह फैसला लिया है। इसके लिए विभिन्न विभागीय सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। हालांकि, जिन कर्मचारियों ने वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में इस छूट का लाभ पहले ही ले लिया है, उन्हें इस दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने शासन सचिवालय में कामकाज को बेहतर बनाने के लिए नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। इनमें 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी और 67 लिपिक ग्रेड प्रथम के नए पद शामिल हैं।

नए पदों के सृजन से युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकेंगे। साथ ही, विभागीय कार्मिकों को पदोन्नति के बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजकीय कार्मिक की मृत्यु के बाद आश्रित की अनुकम्पा नियुक्ति के 29 प्रकरणों में शिथिलता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील निर्णय से मृतक आश्रित परिवारों को संबल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आवेदन में विलम्ब के 16 प्रकरणों में शिथिलता देते हुए मृतक राजकीय कर्मचारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का अनुमोदन किया है। वहीं, न्यूनतम आयु सीमा मय विलम्ब अवधि के 9 प्रकरणों में शिथिलता प्रदान की है।

इसी प्रकार, मुख्यमंत्री ने आश्रित पत्नी की सुविधा के अनुसार नजदीक पदस्थापन के लिए विभाग परिवर्तन के 4 प्रकरणों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शिथिलता दी है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभागीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर हाउसकीपर पद पर कार्यरत सत्यदेव सिंह कृष्णवत, गिरिराज प्रसाद मीणा, योगेन्द्र सिंह सिसोदिया एवं तरूण जोशी की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि इन कर्मचारियों के प्रमाण पत्र तथा डिप्लोमा विज्ञापित पद की पात्रता एवं शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप नहीं थे।