Rajasthan GST Action: राजस्थान में टैक्स चोरी पर बड़ा एक्शन, 5 जिलों में एक साथ सर्वे, लाखों की कर अनियमितता उजागर
RNE Bikaner
राजस्थान में वाणिज्यिक कर विभाग ने टैक्स चोरी और फर्जी ITC के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजसमंद, बाड़मेर, जयपुर, प्रतापगढ़ और जैसलमेर में एक साथ सर्वे किए। कई मामलों में लाखों रुपये की कर अनियमितता सामने आई।
दरअसल राजस्थान में कर चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), अपात्र कर लाभ और अन्य कर अनियमितताओं के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने राज्यव्यापी अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की विभिन्न जोनल टीमों ने राजसमंद, बाड़मेर, जयपुर, प्रतापगढ़ और जैसलमेर सहित कई जिलों में एक साथ सर्वे और जांच अभियान चलाया। प्रारंभिक जांच में कई प्रतिष्ठानों में कर कानूनों के उल्लंघन, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और कर देयता कम दर्शाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
राजसमंद में 45 लाख रुपये की कर अनियमितता :
राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ स्थित ओशन रियलमार्ट प्राइवेट लिमिटेड की जांच में करीब 45 लाख रुपये की कर अनियमितता चिन्हित हुई। कंपनी ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए 38.82 लाख रुपये के अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट को स्वेच्छा से वापस कर दिया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
बाड़मेर में 41 लाख रुपये की संभावित गड़बड़ी :
धोरीमन्ना स्थित शक्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ कार्रवाई में निरस्त जीएसटी पंजीकरण वाले आपूर्तिकर्ताओं से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और जीएसटी रिटर्न में कर देयता कम दर्शाने के संकेत मिले। प्रारंभिक जांच में करीब 41 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता सामने आई है।
जयपुर में 17.80 लाख रुपये जमा :
जयपुर के सिरसी क्षेत्र स्थित राज कंस्ट्रक्शंस कंपनी में पात्रता से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने का मामला सामने आया। जांच के दौरान फर्म ने 17.80 लाख रुपये की कर राशि स्वेच्छा से जमा कराई, जबकि अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है।
प्रतापगढ़ में अपात्र ITC का मामला :
प्रतापगढ़ जिले के बामोतर स्थित इंद्रा सागर टारपॉलिन के खिलाफ कार्रवाई में करीब 7 लाख रुपये के अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला सामने आया। फर्म ने जांच के दौरान 6.10 लाख रुपये स्वेच्छा से जमा करा दिए।
जैसलमेर में ट्रेवल्स फर्म जांच के दायरे में :
जैसलमेर स्थित स्वागत ट्रेवल्स पर की गई सर्वे कार्रवाई में करीब 30 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता चिन्हित की गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि फर्म ने कर प्रावधानों के अनुरूप इनपुट टैक्स क्रेडिट का समुचित समायोजन नहीं किया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
दस्तावेजों की गहन जांच जारी :
वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार, सभी मामलों में संबंधित करदाताओं के लेखा अभिलेख, खरीद-बिक्री विवरण और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कर चोरी के खिलाफ अभियान रहेगा जारी :
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट, अपात्र कर लाभ और अन्य कर अनियमितताओं के विरुद्ध राज्यभर में अभियान लगातार जारी रहेगा। राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले करदाताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।