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राजस्थान हाईकोर्ट की सख्ती: पुलिस नहीं दे सकती है ' सार्वजनिक सजा ', हाईकोर्ट ने जताई कड़ी आपत्ति

 

RNE Network.

राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस की ओर से गिरफ्तार व्यक्तियों की फोटो - वीडियो सोशल मिडिया पर प्रसारित कर उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की वृत्ति पर कड़ी आपत्ति जताई है।
 

न्यायाधीश फरजद अली की एकल पीठ ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्तियों के साथ मानवीय, सभ्य और विधि सम्मत व्यवहार अनिवार्य है। पीठ ने निर्देश दिया कि जिन व्यक्तियों का आपराधिक रिकॉर्ड गम्भीर नहीं है और जिनके विरुद्ध कोई प्रतिकूल इतिहास नहीं है, उन्हें किसी भी स्थिति में सार्वजनिक परेड, अर्धनग्न करने या अन्य अपमानजनक व्यवहार का शिकार न बनाया जाए।
 

यह मामला जैसलमेर जिले से जुड़ा था, जहाँ आरोप था कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को अपमानजनक स्थिति में बैठाकर उनकी फोटो - वीडियो बनाई और प्रसारित की गई। इस पर अदालत ने निर्देश दिए।