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Rajasthan : अंगूठों की रेखा व आंखों की कमजोरी में बुजुर्गों की उलझी पेंशन, अब घर-घर जाकर होगा सर्वे

कलक्टर अल्पा चौधरी ने आदेश जारी किए है कि 75 वर्ष या इससे अधिक आयु वाले पेंशनर्स का सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए वार्डवार और ग्रामवार सर्वे दल गठित किए जाएं

 

राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों के बुढ़ापे का सहारा बनी पेंशन पर संकट गहराता नजर आ रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत जिले में 75 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों का सत्यापन अटका हुआ है। ऐसे में बुजुर्गों को मिलने वाली पेंशन अटक गई है। जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़े बुजुर्ग पेंशन को सत्यापित करने के लिए चक्कर लगा रहे है,

लेकिन वहां पर भी बुजुर्गों के अंगूठों की रेखाएं स्पष्ट नहीं है, इसके कारण उनको मशीन में सही तरीके से रीड नहीं किया जा पा रहा है। दूसरी तरफ अगर आंखों से सत्यापन किया जाता है तो आंखे कमजोर हो चुकी है। ऐसे में राजस्थान के हजारों बुजुर्गों की पेंशन अटक गई है। अकेले सिरोही जिले में 30152 बुजुर्ग पेंशनर है, जिनमें से 6215 बुजुर्गों का सत्यापन लंबित है, जिससे उनकी पेंशन कई माह से रुकी हुई है और रोजमर्रा के जीवन पर सीधा असर पड़ रहा है।

पेंशनर्स में अधिकतर बुजुर्ग हैं, जिनके अंगूठों की रेखाएं स्पष्ट नहीं आने, आंखों की कमजोरी और दिव्यांगता जैसी तकनीकी दिक्कतों के कारण बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है। तय समय तक सत्यापन नहीं होने पर बुजुर्गों के साथ विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स की पेंशन बंद होने का खतरा बना हुआ है।

ई-मित्र और जनसेवा केंद्रों पर सत्यापन नहीं होने की स्थिति में पेंशनर्स पंचायत समिति कार्यालय या उपखंड अधिकारी कार्यालय में ओटीपी के जरिए सत्यापन करवा सकते हैं। जो बुजुर्ग चलने-फिरने में असमर्थ है, वे ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी से सत्यापन करवा सकते है। इसके बाद पंचायत स्तर पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कलक्टर ने दिए घर-घर जाकर सर्वे के आदेश

जिले में वृद्धावस्था, विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, विशेष योग्यजन और सिलिकोसिस जैसी विभिन्न श्रेणियों में कुल 145020 पेंशनर्स लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें से 75 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 6215 पेंशनर्स का सत्यापन अब तक लंबित है। इसको लेकर जिला कलक्टर अल्पा चौधरी ने आदेश जारी किए है कि 75 वर्ष या इससे अधिक आयु वाले पेंशनर्स का सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए वार्डवार और ग्रामवार सर्वे दल गठित किए जाएं। ये दल घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और रिपोर्ट तैयार कर स्वीकृति अधिकारी स्तर से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

कलक्टर ने सत्यापन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया करने को कहा है, ताकि बुजुर्गों की पेंशन समय पर जारी हो सके और उनके जीवनयापन पर कोई असर न पड़े।

सिरोही के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग उप निदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित ने बताया कि जिले में विभिन्न श्रेणियों में कुल 145020 पेंशनर्स लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें से 75 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 6215 पेंशनर्स का सत्यापन अब तक लंबित है। इसको लेकर जिला कलक्टर ने आदेश जारी कर बकाया पेंशनरों के घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और रिपोर्ट तैयार कर स्वीकृति अधिकारी स्तर से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्देश दिए है।