{"vars":{"id": "127470:4976"}}

महिला सशक्तीकरण में राजस्थान आगे, 11.52 लाख गर्भवती महिलाओं को 553 करोड़ हस्तांतरित

 

RNE Network.
 

प्रदेश में महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से महिलाओं के सशक्तीकरण, बाल विकास और संरक्षण, पोषण स्तर में सुधार, आंगनबाड़ियों की मजबूती एवं गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप विभाग ने महिलाओं एवं बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
 

इसी के तहत राज्य में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत 11 लाख 52 हजार गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर उनके बैंक खातों में 553 करोड़ रूपये की राशि हस्तान्तरित की गई है। राजस्थान इस योजना के क्रियान्वयन में जनवरी महीने में देश में पहले स्थान पर और फरवरी महीने में दूसरे स्थान पर रहा है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना में 26 मार्च तक 5 लाख से अधिक लाभार्थियों को 172 करोड़ रूपये से ज्यादा की राशि का भुगतान किया जा चुका है। वहीं लाडो प्रोत्साहन योजना में 6 लाख 53 हजार बालिकाओं को पहली किस्त दी जा चुकी है। वहीं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में 33 हजार 904 बेटी जन्मोत्सव समारोह आयोजित किए गए हैं, जिसमें लगभग 1 लाख 95 हजार बालिकाओं के जन्मोत्सव मनाए गए तथा ग्राम पंचायतों पर 2 लाख 72 हजार वृक्षों का रोपण किया गया। 
 

इसके साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं की मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं को सुनने तथा परामर्श देने के लिए जिला मुख्यालयों पर पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इसमें अब तक 5 लाख 48 हजार महिलाओं एवं स्कूली बालिकाओं को परामर्श सेवाएं प्रदान की गई हैं। राज्य के समस्त जिलों में संचालित वन स्टॉप सेंटर (सखी केंद्रों) पर अब तक 16 हजार 17 प्रकरणों में महिलाओं को आवश्यक सहायता और परामर्श प्रदान किया जा चुका है। इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। इसमें अब तक 230.96 करोड़ रुपये के 2 हजार 991 ऋण आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं, प्रदेश में अमृता हाट का आयोजन कर एसएचजी एवं महिला उद्यमी को भी सहायता उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक 7 हजार 471 लाभार्थियों को 20 करोड़ 42 लाख रुपये का अनुदान दिया जा चुका है।