राजस्थान विधानसभा अमृत महोत्सव: लोकतंत्र की गौरवशाली विरासत को समर्पित होंगे चार भव्य आयोजन
RNE Network.
राजस्थान विधानसभा की स्थापना के उपलक्ष में चलने वाले अमृत महोत्सव के तहत इस साल चार बड़े कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। ये उत्सव विधायिका को समर्पित होंगे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि अमृत महोत्सव के जरिए परम्परा, नवाचार और जन विश्वास एक साथ नजर आएगा। यह आयोजन भारतीय संसदीय लोकतंत्र की गौरवशाली आत्मा का उत्सव होगा। समारोह की विशिष्टता को देखते हुए राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष को भी आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रमों में संसदीय और संविधान विशेषज्ञों के विशेष सत्र होंगे। सभी समारोहों में राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रीगण आमंत्रित होंगे। देवनानी मंगलवार को विधानसभा में राष्ट्र मंडल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा की कार्य कारिणी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। स्पीकर देवनानी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, नेता प्रतिपक्ष एवं राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ राजस्थान शाखा के उपाध्यक्ष टीकाराम जूली, संघ के सचिव एवं विधायक संदीप शर्मा, कार्यकारिणी समिति के सदस्य विधायक पुष्पेन्द्र सिंह, श्रीचन्द कृपलानी, शौभा चौहान, हरिमोहन शर्मा, हमीर सिंह भायल और देवी सिंह शेखावत सहित विधान सभा के प्रमुख सचिव श्री भारत भूषण शर्मा भी मौजूद रहे।
बैठक में तय किया गया कि जुलाई माह में होने वाला प्रथम कार्यक्रम राजस्थान की पहली से सोलहवीं विधान सभा तक के पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों का विशाल सम्मलेन होगा, जिसमें लोकतंत्र की ऐतिहासिक यात्रा को जीवंत किया जाएगा। महत्वपूर्ण एवं उत्कृष्ट कानूनों, सामाजिक परिवर्तनकारी निर्णयों और संसदीय परंपराओं की समीक्षा की जाएगी। समारोह में पूर्व विधान सभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और वरिष्ठतम सदस्यों का विशेष सम्मान होगा। लोकतंत्र के सफर के अनुभव और चुनौतियों, विधायी विरासत, सदन की गरिमा और विधान सभा के डिजिटल रूपान्तरण पर भी सम्मेलन में चर्चा होगी।
वहीं, अक्टूबर माह में दूसरा कार्यक्रम महिलाओं को समर्पित होगा। इसमें देशभर की महिला विधायक आएंगीं। समाज से सदन तक में भूमिका निभाने वाली महिला विधायकों के विकासवादी दृष्टिकोण, नीति निर्माण और प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ पूर्व महिला विधायकों के अनुभवों और युवा महिला विधायकों की आकांक्षाओं पर भी चर्चा होगी।
अमृत महोत्सव के तहत देश की युवा शक्ति को लोकतंत्र की जड़ों से जोड़ने और संविधान के प्रति जागरूक करने के लिए संसदीय शिष्टाचार की जानकारी दी जाएगी। जनवरी में प्रस्तावित समारोह में विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में संविधान जागरूकता पर प्रतियोगिताओं में चयनित छात्र युवा संसद में भाग लेंगे। स्पीकर देवनानी ने कहा कि अमृत उत्सव का भव्य समापन अखिल भारतीय विधायी महाकुंभ होगा। राजस्थान दिवस 2027 को प्रस्तावित महाकुंभ में देशभर के विधायी नेतृत्व की सहभागिता होगी। राज्यों के विधानमंडलों, अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सचिवों को भी समारोह में बुलाया जायेगा।