Rajasthan weather : पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से राजस्थान में तेज बारिश, ओलावृष्टि, अब कोहरे के साथ चलेगी शीतलहर
राजस्थान में पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद आसमान से आफत बरसी है। जहां बारिश से फसलों को फायदा हुआ है, लेकिन कुछ क्षेत्र में ओलावृष्टि होने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। शुक्रवार अल सुबह ही राजस्थान के काफी हिस्सों में मौसम ने करवट ले ली थी और तेज गरज के साथ बारिश हुई। इस दौरान सीकर जिले में ओलावृष्टि होने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा जयपुर, टोंक, नागौर सहित 10 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई। तेज हवा के कारण इस सीजन की पहली मावठ के बाद तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में बिगड़ते मौसम को देखते हुए 14 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 11 जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने आने वाले दिनों में घना कोहरा और शीतलहर चलने की भी चेतावनी दी है।
वहीं वीरवार दोपहर बाद जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और जोधपुर जैसे सरहदी जिलों समेत आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हुई थी। इसके बाद शुक्रवार तड़के राजधानी जयपुर में मौसम पूरी तरह बदल गया। सुबह करीब 5 बजे आंधी के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, जो 6:30 बजे तेज बारिश में बदल गई। तेज बिजली चमकने और गड़गड़ाहट के साथ हुई बारिश से शहर का तापमान गिर गया।
ठंडी हवाएं चलने से एक बार फिर सर्दी लौटती हुई महसूस होने लगी है। वहीं, सीकर जिले के कई इलाकों में सुबह करीब 6 बजे ओले गिरे, जिससे किसानों में दहशत का माहौल है। बारिश के साथ गिरे ओलों से रबी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों के अनुसार, 10 से 15 मिनट तक चने के आकार के ओले लगातार गिरते रहे। इससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर अभी बना रहेगा और आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम और बिगड़ सकता है।