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Rajasthan की जेल में खास शादी : हत्या के अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे युवक-युवती रचा रहे शादी

 

Rudra News Express Jodhpur. 

यह कहानी किसी फिल्म की पटकथा जैसी लग सकती है, लेकिन हकीकत है। नागौर के मूलाराम ने पड़ोसी की हत्या की, जबकि मुंबई की सीमा अपने पति की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई। दोनों को उम्रकैद की सजा मिली और बाद में जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में रखा गया।

खेती करते-करते हुआ प्यार : 

मूलाराम को करीब दो साल पहले अजमेर जेल से मंडोर ओपन जेल लाया गया था, जबकि सीमा करीब डेढ़ साल पहले महिला जेल से यहां शिफ्ट हुई थी। ओपन जेल के नियमों के तहत दोनों खेती का काम करते थे। इसी दौरान रोजाना मुलाकातें हुईं, बातचीत बढ़ी और दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला कर लिया। हाल ही में सीमा को 40 दिन की पैरोल मिलने के बाद दोनों ने हाईकोर्ट में विवाह की अनुमति मांगी थी।

सहेली के पिता करेंगे कन्यादान : 

इस अनोखी शादी में सीमा की सहेली के पिता कन्यादान करेंगे। शादी के कार्ड में भी पिता के स्थान पर उनका ही नाम अंकित किया गया है। विवाह मंडोर ओपन जेल परिसर में ही जेल प्रशासन की निगरानी में संपन्न होगा।

हाईकोर्ट ने कहा- सजा का उद्देश्य केवल दंड नहीं, सुधार भी : 

न्यायमूर्ति डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और न्यायमूर्ति प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि जेल सुधार व्यवस्था का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंड देना नहीं, बल्कि उनका पुनर्वास कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।

कोर्ट ने अपने आदेश में वर्ष 2022 के 'नंदलाल बनाम राज्य' मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि कैदियों को भी संविधान प्रदत्त मानवीय गरिमा और जीवन के अधिकार प्राप्त हैं। राज्य सरकार ने भी इस विवाह पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

राजस्थान में बनेगी नई मिसाल : 

वर्ष 2017 से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे मूलाराम की याचिका स्वीकार होने के बाद यह विवाह राजस्थान की जेल व्यवस्था में एक ऐतिहासिक और मानवीय पहल माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह फैसला भविष्य में कैदियों के संवैधानिक अधिकारों और पुनर्वास से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण न्यायिक मिसाल बनेगा।