दो मंत्रियों से तो संगठन ने बुलाकर बात की, सीएम को भी शिकायत, सीएमओ ने मंत्रियो से विवरण मांगा
मधु आचार्य ' आशावादी '
RNE Special.
तबादलों का एक और चरण बिना तबादला नीति के आखिर जैसे तैसे पूरा हो गया। हाईकोर्ट ने बहुत पहले तबादला नीति बनाने का सरकार को कहा, मगर नहीं बन सकी तबादला नीति। बिना नीति से ही अब साल दर साल हर विभाग में तबादले हो रहे हैं।
यदि तबादला नीति बनाकर तबादले किये जाते हैं तो फिर मंत्रियों, विधायकों व सत्तारूढ़ दल के नेताओं की नहीं चलेगी। नीति विरूद्ध तबादला होते ही कार्मिक न्यायालय की शरण मे जाकर राहत ले लेगा। तबादला नीति बनने से मंत्रियों और विधायकों की पूछ कम हो जाती है, इस कारण ही नीति नहीं बनी। तबादले नीति से नहीं निर्देशों से हर साल होते जा रहे हैं। किसी भी दल की सरकार हो, नीति के बजाय निर्देशों से ही तबादले की इच्छुक रहती है ताकि अधिकार उनके पास ही बना रहे। वे ही उसका उपयोग कर सकें।
जब तबादला नीति नहीं है तो जाहिर है हर विभाग में तबादले राज्यादेशों से हुए हैं। राज्यादेश भी तभी निकले हैं जब किसी सत्तारूढ़ दल के विधायक ने डिजायर लिखी है। इसलिए यह कहना सही होगा कि इस बार भी तबादले डिजायर से ही हुए हैं। तबादलों पर 10 जुलाई को प्रतिबंध लग गया, मगर संशोधन आदेश अब भी निकल रहे हैं। भले ही तारीख पुरानी लगी हुई हो उन पर।
तबादलों पर भाजपा संगठन नाराज:
हर बार तो केवल विधायक ही तबादला आवेदन लेकर मंत्रियों को अपनी डिजायर के साथ भेजते हैं। मगर इस बार भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने संगठन के स्तर पर भी तबादला चाहने के इच्छुक कार्मिकों के आवेदन लिए। इसके लिए प्रदेश कार्यालय में बाकायदा दो पदाधिकारियों की ड्यूटी लगी। जिलों से भी अध्यक्षों ने तबादले के आवेदन भेजे।
संगठन के माध्यम से लगभग 20 हजार से अधिक लोगों ने तबादले के आवेदन किये। संगठन ने अपने स्तर पर प्राथमिकता तय कर आवेदनों की उनके आधार पर सूची बनाई और सम्बंधित मंत्रियों को भेज दी। जिलों से आये आवेदन सीधे मंत्रियों को भेजे गए।
अब जानकारी में आया है कि संगठन के माध्यम से तबादलों के लिए जो आवेदन मंत्रियों को भेजे गए उनमें से कुछ को ही मंत्रियों ने इम्प्लीमेन्ट किया है। संगठन इससे नाराज भी है। नाराज प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दो मंत्रियों, राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा व ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को पार्टी कार्यालय भी बुलाया। बन्द कमरे में उनसे शिकायत भी की गई। उन्होंने अपनी सफाई दी।
सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए और तबादला नहीं होने की शिकायत राठौड़ से की। उसके कारण ही मंत्रियो को कार्यालय बुलाया गया।
बाद में संगठन ने कार्यकर्ताओं के काम न होने की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की।
संगठन ले रहा है अब फीडबैक:
पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की नाराजगी को देखते हुए अब प्रदेश भाजपा संगठन ने तबादलों का पूरा फीडबैक लेना आरम्भ किया है। ताकि यह पता चले कि कौनसा तबादला, किसके कहने से किया गया है। कार्यकर्ताओं की नाराजगी को भी दूर किया जा सके, यह कोशिश भी संगठन के स्तर पर हो रही है।
संगठन के कार्य तो कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के जरिये ही होने हैं। इस हालत में उनकी नाराजगी मोल ली नहीं जा सकती। इस कारण संगठन तबादलों को फीडबैक ले रहा है। बाद में कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने की कोशिश होगी।
सीएमओ ने भी जानकारी मांगी:
अनेक भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री को इस बात की शिकायत की है कि उनके द्वारा दिये गए तबादले के नामों में से बहुत कम लोगों को तबादले का लाभ दिया गया है। इस कारण कार्यकर्ता उनसे नाराज है।
मुख्यमंत्री ने अपने विधायकों की इस शिकायत को गम्भीरता से लिये है और एक विस्तृत रिपोर्ट सीएमओ से मांगी है। सभी मंत्रियो से यह रिपोर्ट मांगी गई है कि किस जन प्रतिनिधि ने तबादलों की कितने लोगों की सूची दी और उनमें से उनके कितने काम किये गए। यह रिपोर्ट सभी मंत्रियों को सीएमओ को तुरन्त देने का कहा गया है।
कुछ अजीबोगरीब तबादले भी:
यूँ तो हर बार हर सरकार के समय तबादलों में कई अजीबोगरीब घटनाएं होती ही है, मगर इस बार कुछ अधिक ही हो गयी। पुलिस महकमे में तो एक उस अधिकारी का तबादला हो गया, जिसकी मृत्यु हो गयी। ठीक इसी तरह कुछ अन्य विभागों में भी मृत कार्मिकों के तबादला आदेश निकल गए।
दूसरी तरफ, शिक्षा विभाग सहित कुछेक विभाग में सेवानिवृत्त कार्मिकों के भी तबादले कर दिए गए। एक तबादला आदेश तो भाजपा विधायक का भी निकल गया। दिगम्बर सिंह के सुपुत्र शैलेन्द्र दिगम्बर सिंह ने तबादले की डिजायर भेजी किसी कार्मिक ने, विभाग ने तबादला आदेश विधायक के नाम का ही निकाल दिया। संगठन ने इन बातों को भी गंभीरता से लिया है।
संशोधन भी हो रहे धड़ाधड़:
हालांकि राज्य सरकार ने 10 जुलाई को फिर से तबादलों पर प्रतिबंध लगा दिया मगर अनेक विभागों, खासकर शिक्षा विभाग में, संशोधित तबादला सूचियां भी निकली है। जिन पर तारीख 10 जुलाई ही लगी हुई है।