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 राजस्थान के सरहदी गांवो की बदलेगी तस्वीर, चार जिलों के इन 184 गांव का हुआ चयन, जाने क्या है तैयारी

 

Rajasthan News: राजस्थान के सरहदी इलाकों को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार के द्वारा एक बड़ी पहल की शुरुआत की गई है। सरहद पर बसे गांव के लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए राज्य की भजन लाल शर्मा सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में वाइब्रेट विलेज प्रोग्राम द्वितीय की शुरुआत की है जिसके अंतर्गत सरहद के किनारे के कई गांव का विकास किया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी योजना में श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों के 184 गांवों का चयन हुआ है। नई योजना के अंतर्गत सभी गांव में विकास के लिए नए-नए कार्य किए जाएंगे इसके साथ ही यहां पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

योजना में 6839 करोड़ का बजट

 केंद्र सरकार के द्वारा इसके लिए 6839 करोड रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। वृत्तीय वर्ष 2025 से 2019 तक इस को चरणबद्ध तरीके से लागू कर दिया जाएगा और इसके अंतर्गत कई जगह का विकास भी किया जाएगा।

  सरहद के किनारे आने वाले गांव के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराई जाएगी इसके साथ ही वहां पर्यटन व्यवस्था को बढ़ाया जाएगा ताकि बड़े पैमाने पर पर्यटक गांव में आ सके और गांव वालों की आमदनी में बढ़ोतरी हो सके। राज्य की भजन लाल शर्मा की सरकार ने इसके लिए भी विशेष प्लान बनाया है। भजनलाल शर्मा के इस प्रयास से गांव का विकास होगा इसके साथ ही साथ गांव में रहने वाले लोगों का भी विकास होगा।


जीवन स्तर और सुरक्षा, दोनों लक्ष्य


वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य सरहद पर बसे लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसमें डिजिटल कनेक्टिविटी, 4-जी नेटवर्क, ऑन-ग्रिड बिजली, सड़क संपर्क (पीएमजीएसवाई), टेलीविजन और डिजिटल इंडिया से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती गांवों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर देशभक्ति की भावना जगाना और उन्हें सीमा सुरक्षा में सहभागी बनाना भी मकसद है।