vande bharat train : राजस्थान में चलने वाली इस वंदेभारत ट्रेन का किया बंद, अब चलेगी नए रुट पर
रेलवे विभाग की तरफ से राजस्थान के यात्रियों को झटका दिया है। रेलवे विभाग द्वारा वंदे भारत ट्रेन के एक रुट को बंद कर दिया। पहले रुट से वंदे भारत ट्रेन को बंद करके दूसरे रुट पर चलाया जाएगा। रेलवे विभाग द्वारा उदयपुर से जयपुर और आगरा के बीच चलाई जा रही वंदेभारत ट्रेन को रेलवे ने 14 फरवरी से बंद करने का निर्णय किया है।
अब इसे 16 फरवरी से उदयपुर-असारवा रूट पर चलाया जाएगा। इसका आधिकारिक कार्यक्रम जारी होना है। उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोग लंबे समय से सूरत के लिए सीधी ट्रेन की मांग रहे थे, पर इसे अभी सिर्फ असारवा तक चलाया जाएगा।
नए रूट पर यात्री भार मिलने को लेकर सवाल उठ रहे है। यात्रियों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। वहीं जयपुर वंदे भारत में ट्रैफिक बढ़ रहा था, पर अब इसके बंद होने से लोग निराश है। रेलवे ने वंदेभारत ट्रेन को पहले उदयपुर-जयपुर के बीच चलाया। बाद में इसे सप्ताह में तीन दिन आगरा वाया कोटा तक बढ़ाया गया, लेकिन दोनों रूट पर अपेक्षित यात्री नहीं मिल सके। अब रेलवे ने इसे उदयपुर से असारवा (अहमदाबाद) तक संचालित करने का फैसला लिया, जिसे कई लोग प्रयोगात्मक निर्णय मान रहे है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही ट्रेन सुबह 6.10 बजे उदयपुर से चले तो दोपहर लगभग 1.30 बजे सूरत पहुंच सकती है और दोपहर 2.30 बजे सूरत से वापसी हो तो रात 10 बजे तक उदयपुर लौट सकती है। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार से जुड़े यात्रियों को सीधा लाभ मिल सकता है।
सुबह पहले से दो ट्रेनें, प्रतिस्पर्धा बढ़ी
उदयपुर से असारवा के लिए पहले से तड़के और सुबह दो ट्रेनें संचालित हो रही है- एक जयपुर-असारवा (सुबह 3.45 बजे) और दूसरी इंदौर-असारवा (सुबह 4.30 बजे)। इसके बाद सुबह 6.10 बजे वंदेभारत ट्रेन चलेगी, जिससे यात्रियों के बंटने की संभावना जताई जा रही है।
सूरत रूट ज्यादा व्यावहारिक
उदयपुर-आगरा वाया कोटा करीब 611 किमी (आवागमन 1222 किमी) था, जबकि उदयपुर-अहमदाबाद 298 किमी और अहमदाबाद-सूरत 228 किमी यानी कुल 526 किमी (आवागमन 1052 किमी) पड़ता है। ऐसे में दूरी और समय के हिसाब से वंदेभारत को सूरत तक बढ़ाना ज्यादा व्यावहारिक माना जा रहा है।
उदयपुर से असारवा तक वंदे भारत ट्रेन की घोषणा स्वागत योग्य है। इस रूट पर सूरत और मुंबई के लिए सीधी ट्रेन की मांग लंबे समय से चल रही थी। ऐसे में इस ट्रेन को मुंबई या सूरत तक चलाया जाता तो मेवाड की जनता को काफी राहत मिलती। इससे पूर्व यह ट्रेन जयपुर और आगरा के मध्य लंबा रूट नहीं होने से सफल नहीं हो पाई और बंद करनी पड़ी।
जयेश चंपावत, पूर्व सदस्य, रेलवे सलाहकार समिति