बस, 05 दिन और जलसंकट: नहरबंदी खत्म, 17 तक बीकानेर पहुंचेगा पानी
RNE Bikaner.
इंदिरा गांधी नहर की 45 दिन लंबी नहरबंदी आखिरकार समाप्त हो गई है। पंजाब के हरिके हेड से सोमवार दोपहर पानी छोड़ा गया, जो करीब 6 दिन का सफर तय कर 17 से 18 मई तक बीकानेर पहुंचेगा। इससे पिछले एक महीने से रिजर्व स्टॉक के भरोसे चल रही शहर और गांवों की पेयजल व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
12घंटे देरी से छोड़ा पानी:
हालांकि पानी रविवार रात छोड़ा जाना था, लेकिन मरम्मत कार्य में देरी के कारण करीब 12 घंटे बाद सोमवार दोपहर 100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बाद में इसकी मात्रा बढ़ाकर 500 क्यूसेक कर दी गई।
07दिन का पानी मौजूद, चिंता की बात नहीं:
बीछवाल जलाशय में फिलहाल सिर्फ 7 दिन और शोभासर में 9 दिन का पानी बचा है। ऐसे में समय पर पानी पहुंचना बेहद जरूरी माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार नहर में जमा कचरे और पंपिंग व्यवस्था के कारण पानी को बीकानेर पहुंचने में लगभग 6 दिन लगेंगे।
नहरबंदी का ये मिलेगा फायदा:
नहर की खराब स्थिति का हवाला देकर पंजाब सरकार राजस्थान को 11 हजार क्यूसेक से अधिक पानी नहीं दे रही थी। मरम्मत पूरी होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अब राजस्थान को उसके हिस्से का 15 से 18 हजार क्यूसेक पानी मिल सकेगा और नहर में होने वाली 500 से 1000 क्यूसेक पानी की बर्बादी भी रुकेगी।
किस रास्ते, कितनी रफ्तार से बढ़ रहा पानी:
पंजाब से छोड़ा गया पानी करीब 50 से 60 घंटे में 204 किलोमीटर दूर राजस्थान सीमा स्थित मसीतावाली हेड तक पहुंचेगा। वहां से बीकानेर जिले की सीमा सतासर और फिर कंवरसेन लिफ्ट नहर होते हुए बीछवाल जलाशय तक पानी पहुंचाया जाएगा। ऊंचाई वाले क्षेत्र में पंपिंग के जरिए पानी आगे बढ़ाया जाएगा। नहर में एक महीने से जमा कचरे और सिल्ट के कारण पानी पहुंचने में अतिरिक्त समय लगने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि 27 मार्च से शुरू हुई नहरबंदी के दौरान 12 अप्रैल तक आंशिक रूप से पेयजल मिलता रहा, लेकिन उसके बाद पूरी तरह पानी बंद कर दिया गया था। अब नहर में पानी छोड़ने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।