Rajasthan Rainfall : सुनेल में 300 MM बारिश के बाद Flash Flood की चेतावनी, 07 जिलों में अगले 24 घंटे बेहद अहम
Rudra News Express Jaipur- Bikaner.
राजस्थान में मानसून ने इस बार ऐसा पलटा मारा है कि जिन इलाकों में कुछ दिन पहले तक बारिश का इंतजार था, वहां अब जमीन की प्यास बुझ चुकी है और अतिरिक्त बारिश अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के 7 जिलों बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, झालावाड़, कोटा और प्रतापगढ़ के कुछ जलक्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान कम से मध्यम स्तर के Flash Flood यानी अचानक बाढ़ के खतरे का अनुमान जारी किया है।
इस चेतावनी के बीच झालावाड़ के सुनेल में 300 MM बारिश दर्ज होना हालात की गंभीरता को बताता है। पूर्वी राजस्थान में आज भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
जमीन पहले ही पानी से भर चुकी, अब बारिश का पानी कहां जाएगा?
Flash Flood का सबसे बड़ा कारण यही है। लगातार बारिश के बाद कई इलाकों की मिट्टी पहले से पूरी तरह संतृप्त हो चुकी है। यानी जमीन की पानी सोखने की क्षमता काफी कम हो गई है।
अब यदि कम समय में तेज बारिश होती है तो बारिश का पानी जमीन में समाने के बजाय तेजी से सतही बहाव बनाकर निचले क्षेत्रों की ओर बढ़ सकता है।
यही स्थिति अचानक नदी-नालों में उफान, रपटों पर पानी, खेतों में जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकती है।
सुनेल में 300 MM बारिश बनी सबसे बड़ी चेतावनी :
पिछले 24 घंटे में झालावाड़ के सुनेल में 300 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बूंदी और कोटा में भी अतिभारी बारिश हुई।
300 MM बारिश का मतलब है कि एक वर्ग मीटर जमीन पर करीब 300 लीटर पानी बरसा। इतनी भारी बारिश के बाद अगर आसपास के जलक्षेत्रों में फिर तेज बारिश होती है तो पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है।
इन 7 जिलों में Flash Flood का खतरा :
मौसम विभाग के फ्लैश फ्लड पूर्वानुमान में बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़ को चिन्हित किया गया है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इन पूरे जिलों में बाढ़ आ जाएगी। चेतावनी कुछ जलक्षेत्रों और आसपास के इलाकों के लिए है, जहां बारिश, भू-संतृप्ति और सतही बहाव मिलकर अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकते हैं।
अगले 24 घंटे क्यों बेहद अहम?
मौसम विभाग के मुताबिक 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कोटा, उदयपुर, अजमेर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।
यानी जिन इलाकों की जमीन पहले ही बारिश से भर चुकी है, वहां नई बारिश का पानी तेजी से बहने की स्थिति बना सकता है।
12 अगस्त तक जारी रह सकता है खतरा :
दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में अगले 48 घंटे बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। 12 अगस्त को भी कई संभागों में बारिश जारी रहने तथा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी और एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश की संभावना है।
इसके बाद 13 अगस्त से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है।
राजस्थान ही नहीं, MP में भी Flash Flood का खतरा :
राजस्थान से लगे पश्चिमी मध्य प्रदेश के 11 जिलों में भी कम से मध्यम Flash Flood का खतरा बताया गया है। इनमें आगर-मालवा, अशोकनगर, गुना, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में भी अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ का जोखिम बताया गया है।