kal ka mausam : 14 दिनों में सात पश्चिम विक्षोभ होंगे सक्रिय, हरियाणा में इस दिन होगी झमाझम बारिश
Haryana weather update : जनवरी के पहले पखवाड़े में सूखी और हाड़ कंपा देने वाली ठंड झेलने के बाद अब मौसम करवट बदलने वाला है। महीने के दूसरे पखवाड़े में मौसम में कई बदलाव होंगे। आने वाले 14 दिनों में एक के बाद एक 7 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं, जिनमें से तीन मध्यम श्रेणी के होंगे। इनके प्रभाव से क्षेत्र में न केवल बादलों की आवाजाही रहेगी, बल्कि गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है।
इधर, बदले मौसम के कारण दिन का तापमान 25.6 डिग्री दर्ज हुआ और रात का तापमान 3.5 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, पहले पखवाड़े में मौसम आमतौर पर शुष्क रहा, लेकिन अब 31 जनवरी तक उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर चलेगा। इससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी और फरवरी की शुरुआत 'ठिठुरन' के साथ होगी।
तीन चरणों में बदलेगा मौसम
पहला चरण: 16 के बाद अब 19 जनवरी को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है। हालांकि, इनसे भीषण शीतलहर और पाले से थोड़ी राहत मिलेगी और रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोत्तरी होगी।
दूसरा चरण: 22 जनवरी को आने वाला विक्षोभ अधिक प्रभावी होगा, जिससे हरियाणा और एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है।
तीसरा चरण : गणतंत्र दिवस के आसपास एक नया सिस्टम सक्रिय होगा। 26 से 28 जनवरी और फिर 29 जनवरी से 1 फरवरी के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश का एक और दौर आएगा।
फरवरी में दिन में बढ़ेगी ठिठुरन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार मौसम में आ रहे इस बदलाव के कारण तापमान का गणित भी बदल जाएगा। बारिश और बादलों के कारण रात्रि तापमान 6.0 से 11.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जो सामान्य से थोड़ा अधिक हो सकता है। वहीं दिन का तापमान 10.8 से 15.0 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट जाएगा।
दिन और रात के तापमान में अंतर कम होने से दिनभर ठिठुरन बनी रहेगी। फरवरी के पहले सप्ताह में लोगों को शीतलहर, गंभीर शीत दिवस और घने कोहरे के तिहरे प्रहार का सामना करना पड़ सकता है। पहाड़ों पर होने वाली भारी बर्फबारी के बाद चलने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड के सिलसिले को जारी रखेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार जनवरी का अंत और फरवरी की शुरुआत पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं।