Bikaner नगर निगम में कुल 80 वार्ड, सबकी नजर हॉट सीट में तब्दील हुई वार्ड 75 पर, उम्मीदवारों की नींद उड़ी, समर्थक बने चकरीबम
बीकानेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड है। उनमें से अनेक वार्ड हॉट सीट के रूप में तब्दील हो चुके हैं। उन वार्डों पर पूरे शहर की नजर है। इन वार्डों के निर्णय का असर आसपास के वार्डों पर भी पड़ रहा है। इन वार्डों के उम्मीदवारों की नींद तो उड़ी हुई है ही साथ में समर्थक भी चकरीबम हो चुके हैं।
राजा बोहरा
शहर का वार्ड 75 पहले एक सामान्य वार्ड था। चुनाव घोषणा के समय किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि इस वार्ड की गूंज बीकानेर व जयपुर ही नहीं, अपितु दिल्ली तक हो जाएगी। गूंज और गूंज की अनुगूंज ने इस वार्ड की सीट को हॉट सीट में तब्दील कर दिया। भाजपा ने मेयर के लिए कोई उम्मीदवार तय नहीं किया मगर कुछ स्वंयम्भू और कुछ नेताओं के वरदहस्त के कारण अपने आप मेयर के दावेदार बन गए।
पूर्व न्यास अध्यक्ष महावीर रांका शहर नहीं अपितु गंगाशहर - भीनासर से है। उनके आवास का वार्ड महिला वार्ड हो गया। वो सीट को तलाशते तलाशते वार्ड 75 में आ धमके। उनको आता देख कांग्रेस ने मस्तमौला व लगभग चुनाव से दूर रहने वाले धर्मवीर नाहटा ' वीरू ' को चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया। वीरू पहले पार्षद थे तो वार्ड के हर वासी से उनका जीवंत संपर्क था। वीरू के उतरते ही भाजपा सतर्क हो गयी क्योंकि वे दलीय सीमाओं को तोड़ते हुए सक्रिय रहे तब, जब वो पार्षद नहीं थे।
पर बड़ी नाटकीय घटना हुई और एकवक्त महावीर रांका का टिकट कटा और विशाल गोलछा को मिल गया। अब यह हॉट सीट बन गयी है।
वही घोड़े, वही मैदान, वार्ड 60
शहर के अंदरूनी हिस्से की वार्ड 60 की सीट भी इन दिनों चर्चा में है, क्योंकि यहां भाजपा व कांग्रेस ने अपने पिछले उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में कड़ा संघर्ष हुआ और भाजपा के किशोर आचार्य चुनाव जीते, जबकि कांग्रेस के नवल पुरोहित ' गांधी ' ने कड़ी टक्कर दी। इस बार फिर दोनों आमने सामने है।
किशोर आचार्य 3 बार पार्षद रहे हैं और 4 थी बार बनने के लिए लड़ रहे हैं। उनका राजनीतिक बैकग्राउंड है। चाचा सत्यप्रकाश आचार्य भाजपा के वरिष्ठ नेता है और दूसरे चाचा अनिल आचार्य समाजसेवी है। वहीं गांधी का परिवार बड़ा है और समाज से उनका भी गहरा जुड़ाव है। खास बात यह है कि दोनों में कड़ा संघर्ष यानी चुनावी लड़ाई है, मगर व्यक्तिगत व पारिवारिक रूप से दोनों के सम्बंध अधिक मधुर है।
इस वार्ड में केंद्रीय कानून मंत्री व सांसद अर्जुनराम मेघवाल व विधायक जेठानन्द व्यास का सीधा इंटरेस्ट है तो दूसरी तरफ पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला भी यहां कांग्रेस के लिए पूरी तरह ध्यान केंद्रित किये हुए हैं। इस कारण भी यह वार्ड खास बना हुआ है।
इस वार्ड में एक एक वोट पर किशोर व गांधी जोर लगा रहे हैं। इस कारण मुकाबला रोचक होने के साथ कांटे का भी बना हुआ है। यह वार्ड खास इस कारण भी है कि इसमें जहाँ एक तरफ लेखक हैं, पत्रकार हैं, कलाकार हैं तो दूसरी तरफ व्यापारी है। बाजार है। इस वार्ड के परिणाम पर भी सबकी नजर है।
कार्यालयों में रहने लगी है बहार
अब शहर में तो अधिकतर वार्डों में उम्मीदवारों ने अपने कार्यालय खोल लिए है। दिन ही नही रात 2 बजे तक ये कार्यालय आबाद रहते हैं। चाय, कॉफी भी निरन्तर चलती है। रोचक नारे भी लगते हैं। प्रतिद्वंदी भी एक दूसरे के कार्यालयों में आकर बेफिक्री से आकर बैठते हैं। कोई दुराव व्यवहार में नहीं है।

