तीज मेले में कला, संस्कृति और प्रतिभा का अद्भुत संगम, गणमान्य आगंतुकों ने मेले का भ्रमण कर कार्यक्रमों की बढ़ाई शोभा
RNE Network.
बीकानेर हाउस में आयोजित दस दिवसीय तीज मेले में राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, कला एवं परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों को राजस्थान की लोक विरासत से रूबरू कराया।
प्रमुख आवासीय रोहित कुमार ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम में लिविंग रूम थिएटर से जुड़े रंगमंच कलाकारों ने अपनी उपस्थिति से इस आयोजन की गरिमा बढ़ाई। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के पुरस्कार वितरण समारोह में प्रथम शर्मा, अधिवक्ता एवं स्टैंडिंग काउंसिल, आयकर विभाग तथा कविता सेठ, टीवी एवं फिल्म कलाकार ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार वितरण में लेडी श्रीराम कॉलेज की दो प्रतिभाशाली छात्राओं, मानसी एवं काफ़ी, ने भी सहभागिता की और विजेताओं का उत्साहवर्धन किया।
कुमार ने बताया कि कार्यक्रम को पद्मश्री से सम्मानित कलाकार गफूरुद्दीन मेवाती जोगी और पद्मश्री अनवर खान,उपाध्यक्ष संगीत नाटक अकादमी की गरिमामयी उपस्थिति ने विशेष बना दिया,उनके लोक कला एवं सांस्कृतिक योगदान की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
इसी दौरान मेले एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में लेडी श्रीराम कॉलेज की 35 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और कार्यक्रम की सराहना की।
मेले में शिरकत करने वाले महत्वपूर्ण आगंतुकों की जानकारी देते हुए प्रमुख आवासीय आयुक्त ने बताया कि शनिवार को तीज मेले में जिन गणमान्य अतिथियों ने भी शिरकत की उनमें संजय कुमार मिश्रा,सहपत्निक, सदस्य, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद, अनिल राजपूत,सहपत्निक, अध्यक्ष, आई टी सी, निदेशक, शहरी परिवहन, महेंद्र कुमार,आईएएस, सहपत्निक,निदेशक, नीति आयोग, डॉ. अमरजोत, अतिरिक्त आयकर आयुक्त, आईआरएस, डॉ. डॉली जमवाल, आईआरएस तथा राजस्थान कैडर के अनेक वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के परिवार शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि बीकानेर हाउस में आयोजित यह तीज मेला राजस्थान की लोक संस्कृति, कला, संगीत और परंपराओं को राजधानी दिल्ली में जीवंत रूप से प्रस्तुत करने का एक सराहनीय प्रयास रहा। कार्यक्रम में युवाओं, कला प्रेमियों और गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

