Bikaji Brand के मालिक शिवरतन अग्रवाल "फन्ना बाबू" का निधन!
पत्नी का इलाज करवाने गए अग्रवाल रात को सोये, सुबह उठे नहीं
RNE Bikaner.
नमकीन के क्षेत्र में दुनियाभर में अपनी खास पहचान बना चुके ब्रांड "Bikaji" के संस्थापक - मालिक शिवरतन अग्रवाल का आकस्मिक निधन हो गया। वे अपनी पत्नी का हार्ट का इलाज करवाने चेन्नई गए थे। पत्नी का इलाज हो गया और हालत ठीक बताई जा रही। आज सुबह चेन्नई से बीकानेर के लिए रवाना होने वाले थे। रात को सोये लेकिन सुबह उठे नहीं। परिजनों ने देखा तो उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे।

फन्नाबाबू नाम से विख्यात शिवरतन अग्रवाल की जितनी साख एक सफल उद्यमी के तौर पर थी उतनी ही सामाजिक सरोकारों से भी थी। "हल्दीराम" परिवार के इस सदस्य ने बीकानेर में अपने परिवार के साथ मिलकर हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल बनवाई। इस हॉस्पिटल के नियमित रख- रखाव में वे व्यक्तिगत रुचि लेते थे। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम करते रहे। स्कूलों को गोद लेने और उनकी स्थिति सुधारने का काम लंबे समय से कर रहे थे।
Bikaji यानी बीकानेर की भुजिया को बनाया ग्लोबल ब्रांड :
Bikaji Foods International Limited के संस्थापक एवं चेयरमैन शिवरतन अग्रवाल उन चुनिंदा self-made उद्यमियों में शामिल थे, जिन्होंने सीमित संसाधनों और कम औपचारिक शिक्षा (केवल 8वीं तक) के बावजूद अपने विज़न और मेहनत के दम पर एक लोकल उत्पाद को इंटरनेशनल ब्रांड बना दिया।
भुजिया से शुरू हुई वैश्विक पहचान :
1980 के दशक में उन्होंने Bikaji ब्रांड की नींव रखी, जिसका नाम बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित है। शुरुआत भुजिया से हुई, लेकिन उनकी सोच हमेशा बड़े स्तर पर उत्पादन और ब्रांडिंग की रही।
उन्होंने भुजिया के बड़े पैमाने पर उत्पादन की तकनीकों को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे यह पारंपरिक उत्पाद आधुनिक FMCG मार्केट में प्रतिस्पर्धी बन सका।
परंपरा से अलग होकर बनाई अपनी पहचान :
शिवरतन अग्रवाल का संबंध प्रसिद्ध हल्दीराम परिवार की विरासत से रहा, लेकिन उन्होंने अलग राह चुनते हुए खुद का ब्रांड खड़ा किया। यही निर्णय आगे चलकर Bikaji को देश की प्रमुख स्नैक्स कंपनियों में शामिल करने का आधार बना।
Bikaji: बीकानेर से दुनिया तक :
- 1986 में ब्रांड की शुरुआत और 1995 में कंपनी रजिस्ट्रेशन के बाद Bikaji ने तेजी से विस्तार किया।
- आज कंपनी के पास:
- 250 से अधिक प्रोडक्ट्स
- 550+ डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क
- भारत के साथ-साथ यूरोप, अमेरिका और गल्फ देशों में मजबूत मौजूदगी
भुजिया, नमकीन, मिठाई, पापड़, रेडी-टू-ईट और फ्रोजन फूड जैसे विविध उत्पादों के साथ Bikaji ने FMCG सेक्टर में अपनी खास पहचान बनाई है। कंपनी का मूल्यांकन करीब ₹15,000 करोड़ के आसपास माना जाता है।
सफलता के सूत्र :
शिवरतन अग्रवाल की सफलता के पीछे कई अहम कारण रहे:
- बीकानेरी भुजिया की प्रभावी ब्रांडिंग
- FMCG सेक्टर में समय रहते प्रवेश
- ऑटोमेशन और बड़े स्तर पर उत्पादन
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार
एक युग का अंत :
शिवरतन अग्रवाल को बीकानेर में स्नेहपूर्वक “फन्ना बाबू” के नाम से भी जाना जाता था। वे उन उद्यमियों में थे, जिन्होंने यह साबित किया कि बड़ी डिग्री नहीं, बल्कि बड़ा विज़न और निरंतर मेहनत सफलता की असली कुंजी है।
उनका निधन भारतीय उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। Bikaji के रूप में उन्होंने जो विरासत बनाई, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

