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Bikaner की सामाजिक, सांस्कृतिक शख्सियत रूपनारायण पुरोहित का निधन

 

RNE Bikaner.

समाजवादी विचारक, लोक गायक और लालाणी चौक में नृसिंह मेला शुरू करने वाले रूपनारायण पुरोहित "मास्टरजी" का रविवार को निधन हो गया।

उनकी अंतिम यात्रा अभी कुछ देर में उनके पैतृक निवास लालाणी व्यास चौक से जस्सूसर गेट स्थित श्मशान घाट जाएगी।
 
पुरोहित बीकानेर की सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों में अग्रणी रहने के साथ ही समाज में शिक्षा की अलख जगाने वाले थे। खासतौर पर उस जमाने में महिला शिक्षा को बढ़ावा देकर प्रगतिशील सोच को बल दिया। 

समाजवादी विचारों से ओत प्रोत मास्टरजी अपनी खास गायन शैली और गीतों से चुनावी फिज़ा को बदलने का माद्दा रखते थे। अपनी इस सोच की वजह से राजनीति और राजनेताओं की नजरों में भी रहे लेकिन कभी डिगे नहीं।

पुरोहित अपने पीछे दो पुत्र, एक पुत्री सहित भतीजों, भांजों, बहन आदि का भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र राजनारायण पुरोहित जहां ख्यातनाम संगीतकार हैं वहीं छोटे पुत्र ललित नारायण अधिवक्ता एवं भाजपा नेता हैं।

मास्टरजी के भतीजे और कर्मचारी नेता रामकुमार पुरोहित ने बताया कि वे कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। रविवार दोपहर को अंतिम सांस ली।

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