Bikaner कांग्रेस पार्षदों की जैसलमेर बाड़ाबंदी में CID घुसी, कल्ला सहित कांग्रेस नेता कलेक्टर के पास पहुंचे!
Rudra News Express, Bikaner.
बीकानेर नगर निगम महापौर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि जैसलमेर में बाड़ाबंदी में रखे गए बीकानेर के कांग्रेस पार्षदों के बीच CID के अधिकारी पहुंचे और एक-एक पार्षद से पहचान पत्र मांगा। इसी बीच बीकानेर के कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई के होटल को Bikaner Development Authority (BDA) की ओर से अंतिम नोटिस जारी किए जाने का मामला भी गरमाया है। कांग्रेस ने दोनों घटनाओं को चुनाव से जोड़ते हुए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार को बीकानेर कलेक्टर से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुलिस, प्रशासन और सरकारी एजेंसियों के जरिए कांग्रेस समर्थित पार्षदों तथा उनके परिजनों पर दबाव बनाए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
जैसलमेर की बाड़ाबंदी में CID पहुंचने का आरोप :
कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने आरोप लगाया कि जैसलमेर में कांग्रेस पार्षदों के प्रशिक्षण शिविर में CID के अधिकारी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पार्षदों से ID कार्ड लिए गए और उन्हें दबाव में लेने का प्रयास किया गया। कल्ला ने कहा कि चुनाव के दौरान अधिकारियों को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारी किसी राजनीतिक दल के इशारे पर काम न करें।कांग्रेस की ओर से दिए गए ज्ञापन में भी पुलिस एवं प्रशासन पर कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर दबाव बनाने और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
मनोज बिश्नोई के होटल का नोटिस बना मुद्दा :
कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई के रानी बाजार स्थित होटल शौर्य 3.0 को लेकर BDA ने अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस में होटल में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों और भवन निर्माण से संबंधित दस्तावेज सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। दस्तावेज पेश नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मनोज बिश्नोई ने कहा है कि वे नोटिस का नियमों के अनुसार जवाब देंगे। वहीं कांग्रेस ने नोटिस जारी होने के समय पर सवाल उठाते हुए इसे महापौर चुनाव से पहले दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है। इस कार्रवाई को चुनाव प्रभावित करने से जोड़ने का कोई आधिकारिक आधार फिलहाल सामने नहीं आया है।
डोटासरा से मेघवाल तक ने उठाए सवाल :
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा से लेकर बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल तक कांग्रेस नेताओं ने मनोज बिश्नोई को दिए गए नोटिस और जैसलमेर में पार्षदों के बीच एजेंसी के अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। डॉ. बी.डी. कल्ला ने भी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक चुनाव में प्रशासन को निष्पक्ष रहना चाहिए। शुक्रवार को उन्होंने अधिकारियों पर सत्ता के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस के ज्ञापन में मांग की गई है कि चुनावी प्रक्रिया में पुलिस एवं प्रशासन का अनुचित हस्तक्षेप रोका जाए, पार्षदों और उनके परिजनों पर कथित दबाव बंद किया जाए तथा सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
महापौर चुनाव से ठीक पहले ऐसा क्यों ?
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के 42 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के 27 पार्षद हैं। नवरतन डागा के नामांकन वापस लेने के बाद महापौर पद पर कांग्रेस के अनिल कल्ला और भाजपा के डॉ. सुरेन्द्र सिंह शेखावत के बीच मुकाबला रह गया है। ऐसे में दोनों दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटे हैं। कांग्रेस के जैसलमेर में पार्षदों की बाड़ाबंदी के बीच CID पहुंचने और बीकानेर में कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई के होटल को BDA का नोटिस मिलने की घटनाओं ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।

