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Bikaner : पूर्व मंत्री बी डी कल्ला ने कहा- 614 करोड़ की योजना भाजपा सरकार की लेट लतीफी का शिकार 

बीकानेर शहर ओर आस- पास के 32 गांवों की 13 लाख आबादी को मिलना है पानी 

2024 में जो योजना पूरी होनी थी वह 2026 में भी अधूरी

 

RNE Bikaner.

एक ओर जहां बीकानेर गंभीर जलसंकट से गुजर रहा है और लोगों का दर्द जलदाय विभाग के दफ्तरों पर गुस्सा बनकर उभर रहा हैं वहीं इस हालात के लिए सरकार सरकार को जिम्मेदार बताते हुए पूर्व मंत्री बी डी कल्ला ने हमला बोला है।

पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार की दूरदर्शी सोच के तहत स्वीकृत 614.91 करोड़ रुपए की पेयजल परियोजना यदि समय पर पूरी होती तो वर्ष 2024 तक बीकानेर को बड़ी राहत मिल सकती थी, लेकिन वर्तमान सरकार की लेटलतीफी के कारण आज मई 2026 में भी परियोजना अधूरी पड़ी है। 

डॉ. कल्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2052 तक की आबादी को ध्यान में रखते हुए “Improvement, Augmentation and Expansion of Urban Water Scheme of UWSS Bikaner” योजना तैयार की थी। इस योजना के तहत बीकानेर शहर और आसपास के 32 गांवों की करीब 13 लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया। योजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 4 मार्च 2021 को जारी की गई थी। 

परियोजना को दो पैकेजों में विभाजित किया गया। पैकेज-1 के लिए 182.86 करोड़ रुपए तथा पैकेज-2 के लिए 246.24 करोड़ रुपए की तकनीकी स्वीकृति दी गई। पैकेज-1 का वर्क ऑर्डर 10 फरवरी 2022 को जारी हुआ, जिसकी लागत 175.95 करोड़ रुपए रही, जबकि पैकेज-2 का वर्क ऑर्डर 14 मई 2022 को 266.02 करोड़ रुपए की लागत से जारी किया गया। दोनों कार्यों की पूर्णता तिथि 20 मई 2026 निर्धारित की गई थी। 

डॉ. कल्ला ने आरोप लगाया कि सरकार की धीमी कार्यप्रणाली के कारण योजना तय समय में पूरी नहीं हो सकी। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार पैकेज-1 की भौतिक प्रगति केवल 67 प्रतिशत तथा वित्तीय प्रगति 63.86 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि पैकेज-2 की भौतिक प्रगति 76.05 प्रतिशत और वित्तीय प्रगति 72 प्रतिशत तक ही पहुंची है। 

उन्होंने बताया कि पैकेज-1 में शोभासर और बीछवाल हेडवर्क्स पर जलाशय, पंपिंग स्टेशन, जल शोधन संयंत्र, पाइपलाइन और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्य किए जा रहे हैं। कई प्रमुख कार्य अब भी 50 से 65 प्रतिशत तक ही पूरे हो पाए हैं, जबकि कुछ कार्यों को भविष्य में किए जाने की स्थिति में रखा गया है। 

पैकेज-2 में 15 उच्च जलाशयों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से केवल 11 का कार्य पूर्ण हुआ है। शेष 4 जलाशयों का निर्माण लगभग 45 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया है। इसके अलावा 100.79 किलोमीटर डीआई पाइपलाइन में से 91.88 किलोमीटर लाइन बिछाई गई है, जबकि 525.47 किलोमीटर एचडीपीई पाइपलाइन में से लगभग 395.82 किलोमीटर पाइपलाइन ही बिछ सकी है। 

योजना के तहत 62 हजार घरेलू जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 2803 कनेक्शन ही जारी किए जा सके हैं, जो कुल लक्ष्य का मात्र 4.52 प्रतिशत है। हालांकि 10 कंज्यूमर केयर सेंटर का निर्माण पूरा हो चुका है। 

परियोजना में दो रॉ-वॉटर पंपिंग स्टेशन, दो क्लियर वॉटर पंपिंग स्टेशन, दो जल शोधन संयंत्र, 15 उच्च जलाशय और चार स्वच्छ जलाशय बनाए जा रहे हैं। साथ ही 1450 मीटर कैनाल और सैकड़ों किलोमीटर लंबी पाइपलाइन नेटवर्क भी विकसित किया जा रहा है। 

डॉ. कल्ला ने कहा कि बीकानेर की जनता के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए उन्होंने परियोजना स्थलों का निरीक्षण किया है और सरकार से मांग की है कि शीघ्रता से कार्य पूर्ण करवाकर बीकानेर को पेयजल के मामले में आत्मनिर्भर बनाया जाए।

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