Bikaner : पवनपूरी के सरकारी स्कूल में 81 कन्याओं, 24 बातुकों का पूजन कर कॉपी-पेन भेंट!
Rudra News Express Bikaner.
नवरात्रि में जहां जगह-जगह कन्या पूजन हो रहा हैं वहीं बीकानेर में एक सरकारी स्कूल में भी ऐसा अनूठा आयोजन हुआ। इस स्कूल में बालिकाओं के मातृरूप में पूजन हुआ वहीं बालकों को भी बटुक रूप मानते हुए पूजा गया। पूजन के बाद सभी को प्रसाद के रूप में खीर वितरित की और पेन-कॉपी आदि अध्ययन सामग्री भेंट की।
दरअसल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पवनपुरी दक्षिण विस्तार, बीकानेर में यह कन्या पूजन आयोजित किया गया। इसमें विद्यालय की 81 कन्याओं एवं 24 बटुकों का विधिवत पूजन कर उन्हें कॉपी-पेन भेंट किए गए तथा खीर का प्रसाद वितरित किया गया।
क्या बोले गुरुजन :
विद्यालय की प्राचार्य किरण पंचारिया ने कहा, शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, मानवीय संवेदनाएं और समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी है। ऐसे आयोजन बालिकाओं के प्रति सम्मान, समानता और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।
आयोजन प्रभारी रवि आचार्य ने बताया कि विद्यालय में प्रतिवर्ष कन्या पूजन का आयोजन भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण और संवर्धन की भावना के साथ किया जाता है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें सेवा, समर्पण, सामाजिक सद्भाव और नारी सम्मान के संस्कार विकसित करना है।
शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता:
विद्यालय की सांस्कृतिक प्रभारी मुक्ता तैलंग ने बताया कि शिक्षकों की सहभागिता से बच्चों को कॉपी-पेन, कलर स्केच, कटर और पेंसिल भेंट करने की इस पहल के माध्यम से शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया गया। *प्राचार्य रचना गुप्ता सहित अन्य शिक्षकों ने भी पूजन कार्यक्रम में पूर्ण सहभागिता कर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया। समाज सेवी रामा मोदी ने कहा कि जब बच्चे विद्यालयों में ऐसे संस्कारों को प्रत्यक्ष रूप से आत्मसात करते हैं, तो वे समाज में नारी सम्मान के सच्चे ध्वजवाहक बनते हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्राचार्य रचना गुप्ता ने किया।
ये रहे उपस्थित:
कार्यक्रम में मोहम्मद रमजान, सविता राव, संतोष पुनिया, किरण कंवर, पुष्पा जांगिड़, बसन्त कुमारी, मंजू धवल, मुक्ता तैलंग, रामा मोदी, रामकुमार कासनियां, अंजू, वनीश मेहता, रवि आचार्य सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी,अभिभावक,गणमान्य जन उपस्थित रहे।

