Bikaner Mayor Election : अनिल कल्ला ने दाखिल किया नामांकन, बीडी कल्ला, सुशीला कंवर सहित कई नेता रहे साथ
Rudra News Express Bikaner.
बीकानेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की भारी जीत के बाद ज्यों-ज्यों मेयर के चुनाव के पड़ाव आते जा रहे हैं त्यों-त्यों चुनावी रोमांच चरम पर पहुंच रहा है। आज अनिल कल्ला ने कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर मेयर के लिये नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री बी डी कल्ला, विधायक सुशीला डूडी, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग सहित पार्टी के बड़े नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और पार्षद उनके साथ रहे।
मेयर पद के लिये कांग्रेस के अधिकृत नामांकन से ठीक पहले एक नाटकीय घटनाक्रम में कांग्रेस के वार्ड 50 से पार्षद नवरतन डागा ने भी नगर निगम पहुंचकर पर्चा दाखिल किया। डागा ने अनिल कल्ला को दावेदार बनाने पर पार्टी में परिवारवाद का आरोप लगाया।
दूसरी ओर नामांकन दाखिल करने पहुंचे अनिल कल्ला से जब इन आरोपों पर सवाल किया तो उनका दर्द थोड़ा तल्ख होकर छलका। अनिल कल्ला बोले, 30 साल से पार्टी के हर चुनाव में बूथ कार्यकर्ता की तरह काम कर रहा हूं। इतने सालों के बाद जब पार्टी ने मुझे मौका दिया है तो अब भी परिवारवाद कहोगे? वे बोले, हर आदमी को अपने काम का क्षेत्र चुनने का अधिकार होता है। पत्रकार के बेटे को पत्रकारिता अच्छी लगे और वह इसी काम को अपनाए तो क्या परिवारवाद होगा!
अनिल कल्ला ने कहा, राजनीति के माध्यम से जनहित में कम करना मेरी रूचि में शामिल है। इसी दिशा में काम कर रहा हूं। उन्होंने दावा किया कि मेयर के चुनाव में कांग्रेस भारी मतों से जीतेगी। जीतने के साथ ही शहर के विकास के लिये हरसंभव काम करने का वादा किया।
नवरतन डागा की चुनौती से कांग्रेस में हलचल :
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के 42 पार्षद हैं। ऐसे में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के सामने कांग्रेस के ही पार्षद नवरतन डागा का निर्दलीय नामांकन चुनाव को दिलचस्प बना रहा है। डागा वार्ड 50 से कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए हैं। अब 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच और 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद तस्वीर और साफ होगी। महापौर चुनाव 21 सितंबर को होना है।
भाजपा ने सुरेंद्रसिंह शेखावत पर लगाया दांव :
भाजपा ने सुरेंद्रसिंह शेखावत को मेयर पद के लिए प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के 27 पार्षद हैं, इसलिए उसके सामने बहुमत के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की चुनौती रहेगी। वहीं नवरतन डागा की बगावत के बाद मेयर चुनाव में कांग्रेस के भीतर संभावित समीकरणों पर भी निगाहें टिक गई हैं। बताया जाता है कि पूर्ण बहुमत नहीं होने के बावजूद भाजपा में मेयर प्रत्याशी बनने के लिये भी काफी होड़ रही।

