Bikaner Mayor Election : शेखावत की नितिन को चेतावनी "मानहानि के मुकदमे के लिए तैयार रहो.. "
Bikaner Mayor Election : नितिन वत्सस की फेसबुक पोस्ट में आरोपों के बाद बढ़ा विवाद; शेखावत ने दी "मानहानि मुकदमे" की चेतावनी
Rudra News Express, Bikaner
बीकानेर नगर निगम के मेयर चुनाव से पहले सियासी घमासान अब सोशल मीडिया पर तीखे शब्दों और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी तक पहुंच गया है। भाजपा के मेयर प्रत्याशी सुरेन्द्र सिंह शेखावत और कांग्रेस नेता नितिन वत्सस के बीच फेसबुक पोस्ट के जरिए चल रहा वाकयुद्ध लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है।

नितिन वत्सस ने अपनी फेसबुक पोस्ट में सुरेन्द्र सिंह शेखावत पर कई आरोप लगाए। इसके जवाब में शेखावत ने उनकी पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए लिखा “मानहानि के मुकदमे के लिए तैयार रहो दोस्त।” इस टिप्पणी के बाद मेयर चुनाव का राजनीतिक मुकाबला सोशल मीडिया पर भी आमने-सामने की लड़ाई में बदल गया है।

पहले शेखावत ने कल्ला को दी थी बहस की चुनौती :
विवाद की शुरुआत भाजपा प्रत्याशी सुरेन्द्र सिंह शेखावत के उस लाइव वीडियो से हुई, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी अनिल कल्ला पर राजनीतिक हमला बोला था। शेखावत ने कांग्रेस पार्षदों से दलीय सीमा से ऊपर उठकर शहर के विकास के नाम पर निर्णय लेने और अंतरात्मा की आवाज पर वोट करने की अपील की थी। उन्होंने अनिल कल्ला को खुली बहस की चुनौती भी दी थी।

नितिन ने किया जवाबी हमला :
अनिल कल्ला की ओर से इस चुनौती पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसके बाद कांग्रेस नेता नितिन वत्सस ने सोशल मीडिया पर शेखावत के खिलाफ मोर्चा संभाला। वत्सस ने पहले लाइव वीडियो जारी किया। इसके बाद एक पोस्ट लगाई जिसमें शेखावत पर बीजेपी की अंदरूनी लड़ाई को लेकर कई आरोप लगाए। वत्सस की पोस्ट में लगाए गए आरोपों पर शेखावत ने सीधे कानूनी कार्रवाई का संकेत दिया है। उनकी टिप्पणी “मानहानि के मुकदमे के लिए तैयार रहो दोस्त”ने इस राजनीतिक विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
42 बनाम 27 के बीच असली मुकाबला :
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों के परिणाम के बाद कांग्रेस के पास 42, भाजपा के पास 27, निर्दलीयों के पास 10 और RLP के पास 1 पार्षद है। बहुमत के बावजूद मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। भाजपा की रणनीति निर्दलीय पार्षदों को साथ लेने के साथ कांग्रेस खेमे में सेंध की संभावनाओं पर भी केंद्रित दिखाई दे रही है।
कांग्रेस की चुनौती अपने पार्षदों को एकजुट बनाए रखने की है। ऐसे में शेखावत और वत्सस सहित कई पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुआ यह वाकयुद्ध आने वाले समय में और तीखा होता है या यहीं थम जाता है, यह भी मेयर चुनाव के माहौल को प्रभावित करने वाला घटनाक्रम होगा। फिलहाल मेयर चुनाव का मैदान सिर्फ वोटों का नहीं, बल्कि बयान, पलटवार और सोशल मीडिया की जंग का भी मैदान बन गया है।

