Bikaner : 80 वार्ड में से वार्ड 58 में है सबसे अधिक चुनावी माहौल, हर वोटर है पूरी तरह से सक्रिय, महिलाओं के वार्ड 59 में भी जबरदस्त राजनीतिक माहौल
परकोटे के भीतर बसने वाले शहर का ह्रदय या हार्ट बारह गवाड़ चौक को माना जाता है। इसका धड़कना ही शहर का धड़कना है। यह वो वार्ड है जिसमें ब्राह्मण समाज का बाहुल्य है और समस्त तीज - त्यौहार को यहां बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। होली हो, दीपावली हो या पुष्करणा ओलंपिक, सर्वाधिक चहल पहल व सक्रियता यहीं रहती है। नगर निगम चुनाव में भी शहर के इस हार्ट में जबरदस्त धड़कन है।

राजा बोहरा
शहर के 79 वार्ड में नगर निगम पार्षद के लिए चुनाव हो रहा है, एक वार्ड में भाजपा निर्विरोध जीत चुकी है। इन 79 वार्डों में से अनेक वार्ड होट सीट बने हुए हैं, जहां कांटे का मुकाबला है या फिर वहां बड़े उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। कुछ वार्ड होट सीट इस कारण है कि वहां मेयर के संभावित उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। कुछ में राजनेताओं के परिजन लड़ रहे हैं, इस कारण वे होट सीट बने हुए हैं। मगर शहर का वार्ड 58 भी होट सीट बना हुआ है, जिसकी अपनी अलग वजह है।

यूँ तो इस वार्ड में कई मोहल्ले, गलियां शामिल हैं। मगर मुख्य रूप से यह बारह गवाड़ वाला वार्ड है। जिसमें शहर बसता है। इस वार्ड में ब्राह्मण समाज के आदरणीय पुजारी बाबा, प्रकांड पंडित नथमल जी जोशी रहते हैं। यह वार्ड राजस्थानी के बड़े साहित्यकार स्व. शिवराज छंगाणी का वार्ड है। अनेक बड़े पंडितों, विभिन्न जातियों के धर्म गुरुओं, खिलाड़ियों आदि का यह वार्ड है।
चाहे कोई सा भी चुनाव हो, बारह गवाड़ में उसका सर्वाधिक प्रभाव रहता है। चहल पहल रहती है। यहां के लोगों का समर्थन व वोट पाने के लिए हर दल का उम्मीदवार लालायित रहता है। क्योंकि यह वार्ड परसेप्शन बनाने वाला वार्ड है, जिस पर पूरा चुनाव टिका रहता है। फिर वार्ड पार्षद का चुनाव है यह, इस कारण यहां सर्वाधिक सक्रियता इस बार देखने को मिल रही है। कांग्रेस ने यहां से अपने चिर परिचित, इस कारण की वे पहले भी पार्षद रह चुके हैं, दुर्गादास छंगाणी को अपना उम्मीदवार बनाया है। जिनको पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला का निकटस्थ माना जाता है।
जबकि भाजपा ने इस बार यहां अनूठा और नया प्रयोग किया है। अब तक एक साधारण भाजपा कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाने वाले सतीश किराडू को मैदान में उतारा है। किराडू युवावस्था से भाजपा के लिए हर चुनाव में कार्यकर्ता के रूप में ही काम करते दिखे हैं। उनकी खुद की कभी पार्षद का चुनाव लड़ने की ईच्छा नहीं रही है। पता नहीं, इस बार कैसे हो गयी। बताते हैं उनके साथियों, पार्टी के दबाव के कारण वे चुनाव लड़ने को तैयार हुए हैं। किराडू विधायक जेठानन्द व्यास व अर्जुनराम मेघवाल, दोनों के परिचित हैं और पार्टी के सहारे ही वार्ड पार्षद के चुनाव में उतरे है।

अब छंगाणी व किराडू का चुनाव बड़ा चुनाव बन गया है और शहर का चर्चित चुनाव भी। इस वार्ड पर बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के सभी वार्डों का नहीं अपितु पूर्व विधानसभा क्षेत्र के वार्डों का भी ध्यान है। इस वार्ड का चुनावी माहौल देखने दूर दूर से लोग आते हैं। यहां केवल उम्मीदवार नहीं अपितु उनके कार्यकर्ता व मतदाता भी अपने प्रत्याशी के लिए वोट मांगते नजर आते हैं। इस वजह से नगर निगम चुनाव में यह वार्ड सर्वाधिक चर्चा पाए हुए हैं। देखें, जनता किसके साथ जाती है।
इस महिला वार्ड में भी जबरदस्त सक्रियता
नगर निगम में जो वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित है, उनमें पुरुष वार्डो की तुलना में थोड़ा चुनावी माहौल कम नजर आता है। क्योंकि महिलाओं के लिए रात के समय चुनाव प्रचार करना या कार्यालय में बैठना थोड़ा कठिन काम होता है। शहर के भीतर रहने वाली महिलाओं के पारिवारिक दायित्त्व भी अधिक है, जिनका निर्वहन उनको करना ही पड़ता है। फिर यह तो त्यौहारों का समय है। पहले रक्षाबंधन, फिर तीज, फिर उभ छठ और अब जन्माष्टमी, सभी त्यौहार सजीव ही महिलाओं के कारण है।
इसके बाद भी कुछ महिला वार्ड ऐसे हैं जहाँ दिन में चुनाव लड़ने वाली महिलाएं और रात के समय उनके परिजन, कार्यकर्ता प्रचार व जनसंपर्क करते हैं। उससे चहल पहल रहती है। नगर निगम का वार्ड 59 कुछ खास कारणों से चर्चा में है।

इस वार्ड में भी आचार्यों का चोक, भट्टडों का चौक आदि कई क्षेत्र शामिल हैं। मगर वार्ड की पहचान आचार्यों के चौक के वार्ड से होती है। यहां भाजपा ने चार्टर्ड अकाउंटेंट अपर्णा आचार्य को उम्मीदवार बनाया है तो कांग्रेस ने सुनीता देवी को उतारा है। दोनों ही प्रतिष्ठित परिवारों से है। मुकाबला रोचक है। देखें, परिणाम क्या रहता है।

