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Bikaner: ‘अवरुद्ध बचपन’ की मार्मिक प्रस्तुति ने दर्शकों को किया भावुक

 

RNE Bikaner.

कला साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान, के सहयोग से रंगकर्मी सुरेश आचार्य के निर्देशन में नाटक अवरुद्ध बचपन की प्रस्तुति देख दर्शक भावुक हो गए ! बांग्ला लेखक सुकमल मोइत्रा की कहानी पर आधारित नाटक दिखाया गया की देश में बच्चों के मानसिक और शारीरिक शोषण के कारण उनका बचपन अवरुद्ध हो रहा है! जिस उम्र में बच्चों के गुड्डे , गुड़िया ओर खिलौने से खेलने की थी ये शोषित बाल घर , दुकान , फैक्ट्री आदि में मजदूर बन चुके है!

नाटक की मुख्य पात्र दिया की भी यही त्रासदी है ! उसके मालिक और मालकिन उसे अपने घर में बंद करके मेले में चले जाते हैं! दिया उस बंद घर में अपने गांव को, अपने घर को, अपने दोस्तों को, और प्रकृति को याद करके दुखी होती है! दिया मलिक के घर में उसके साथ हो रही शारीरिक और मानसिक प्रताड़नाओं के कारण स्वयं को मालिक के घर से बाहर आज़ाद करने की लोगों से गुहार लगाती है ! नाटक में दिया के पात्र को अभिनेत्री प्रियंका आर्य ने दिया के अलावा भी अनेक किरदारों को अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों को भावुक कर दिया ! नाटक में  अभिनेत्री रिद्धिमा आचार्य व गुंजन उपाध्याय ने भी अपने अभिनय से प्रभावित किया ! नाटक में संगीत मोहित शर्मा , प्रकाश प्रभाव दीपांशु पांडे, और ध्वनि प्रभाव वसीम राजा ने दिया! नाटक के प्रदर्शन प्रभारी थे वरिष्ठ रंगकर्मी  प्रदीप भटनागर थे !

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