UP की जेल से "बंटी-बबली" को लाई Bikaner Police : पति-पत्नी ने बीकानेर के दंपती से 20 लाख नकद, 4 लाख के आभूषण हड़पे, कई मामले खुलेंगे
Rudra News Express Bikaner.
रोहित बाजपेयी और उनकी पत्नी अन्नू बाजपेयी दिखने और व्यवहार में बहुत ही संभ्रांत लगे। रोहित खुद को एयरफोर्स अधिकारी बताता और उसी अंदाज में रहन-सहन भी रखा। दोनों ने बीकानेर में फर्नीचर व्यापारी नवीन कुमार चौहान और उनके परिवार का विश्वास जीता। इसके बाद लगभग 24 लाख रुपये की ठगी कर फरार हो गाये।
बीकानेर की JNV थाना पुलिस ने लगभग डेढ़ साल बाद ठग दंपती को UP की एक जेल तक पहुंचकर हिरासत में ले लिया और बीकानेर ले आए। पुलिस को पता चल है कि इन पति-पत्नी ने देश के कई हिस्सों में इसी तरह अलग-अलग लोगों को ठगा है। मतलब इनकी ठगी के किस्से कमोबेश फिल्मी किरदार "बंटी-बबली" से मिलते-जुलते सामने आए हैं। इतना ही नहीं बीकानेर में ही इनके कई और शिकार सामने आने का अनुमान है।
बीकानेर के एसपी मृदुल कच्छावा के मुताबिक, नवीन कुमार चौहान ने 26 मार्च 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया कि रोहित बाजपेयी और उसकी पत्नी अन्नू बाजपेयी ने पहले परिवादी और उसके परिवार का विश्वास जीता, फिर सुनियोजित तरीके से 20 लाख रुपये नकद और 4 लाख रुपये मूल्य के आभूषणों की ठगी की।
डेढ़ साल की तलाश के बाद सीतापुर जेल पहुंची पुलिस :
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जेएनवीसी थाने के उपनिरीक्षक जयप्रकाश ने जांच शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर चक्रवर्ती सिंह राठौड़ के निर्देशन में टीम गठित की गई। सीओ सदर बीकानेर आकांक्षा कुमारी के निकट सुपरविजन में जेएनवीसी थानाधिकारी देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
UP में ऐसी ही ठगी के किस्से आए :
पुलिस जांच के दौरान उत्तर प्रदेश में इसी तरह की ठगी की वारदातों के संबंध में जानकारी मिली। ऐसे में टीम उत्तर प्रदेश के सीतापुर पहुंची, जहां थाना कोतवाली नगर में दर्ज प्रकरण संख्या 271/2026 में जेल में बंद रोहित बाजपेयी और अन्नू बाजपेयी को जांच अधिकारी जयप्रकाश के साथ हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, अनुसंधान में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। हिरासत में लिए गाये रोहित बाजपेयी पुत्र दिनेश चंद्र बाजपेयी और अन्नू बाजपेयी पत्नी रोहित बाजपेयी की उम्र 44 वर्ष है। दोनों उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
डॉक्टर का घर किराये पर लिए, फर्नीचर कारोबारी से मेलजोल :
आरोपी दंपती ने बीकानेर पहुंचते ही होटल जाने के लिए टैक्सी ली। टैक्सी ड्राइवर का मोबाइल नंबर ले लिया और शहर में आने-जाने के लिए बार-बार उसी को बुलाने लगे। उससे मित्रता बढ़ाकर विश्वास जीता। फिर डॉ. प्रीति राजपुरोहित का मकान किराए पर लिया। जयपुर रोड स्थित एक फर्नीचर शोरूम में जाकर घर के लिए करीब तीन लाख रुपये का फर्नीचर पसंद किया। एडवांस राशि भी दी। अगले कुछ दिनों में उन्हें फर्नीचर के सिलसिले में तीन-चार बार शोरूम जाना था। इसी दौरान उन्होंने कारोबारी के साथ मेलजोल बढ़ाया।
सोने के सिक्के देकर जीता भरोसा :
पुलिस के मुताबिक बीकानेर के ज्वैलरी शोरूम से शुद्ध सोने के सिक्के खरीदे। इनमें से एक सिक्का फर्नीचर कारोबारी को करीब 40 प्रतिशत छूट पर बेच दिया। इस सौदे में कारोबारी ने नकद भुगतान किया और उसे सिक्का तत्काल दे दिया गया। सिक्का असली सोने का था, ताकि कारोबारी उसकी जांच करवाए तो भी आरोपियों पर उसका भरोसा बना रहे। आरोपी ने खुद को एयरफोर्स में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर बताया और कहा कि उसे सोने के सिक्के छूट पर मिल जाते हैं।
इसके बाद दो सिक्कों की दूसरी डील की गई। इस बार आरोपी ने पैसे पहले लिए और सिक्के एक-दो दिन बाद देने की बात कही और बाद में दे भी दिए।
सौदे और रकम दोनों बढ़ते गए :
इसी तरीके से एक-दो और सौदे किए। हर बार सिक्कों की संख्या बढ़ाई गई और डिलीवरी का समय भी आगे बढ़ाया गया। कारोबारी का विश्वास और लालच दोनों बढ़ते गए। अंततः उसने बड़ी संख्या में सोने के सिक्के खरीदने के लिए 20 लाख रुपये नकद और चार लाख रुपये के आभूषण एडवांस के रूप में दे दिए। इसके बाद आरोपी अचानक गायब हो गए। चार-पांच दिन तक संपर्क नहीं होने पर कारोबारी को ठगी का संदेह हुआ और उसने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
इस टीम ने की छानबीन :
कार्रवाई करने वाली टीम में जेएनवीसी थानाधिकारी देवेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक जयप्रकाश, कांस्टेबल पुरुषोत्तम, महिला कांस्टेबल अर्चना, महिला कांस्टेबल अनुराधा शामिल रहीं।

