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Bikaner : शहीद दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई तृतीय व चतुर्थ द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन

 

RNE Bikaner.

राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय बीकानेर  में दिनांक 30 जनवरी को शहीद दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई तृतीय व चतुर्थ के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सहित समस्त शहीदों के बलिदान को स्मरण करना तथा विद्यार्थियों में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय चेतना का विकास करना रहा। 

सर्वप्रथम महाविद्यालय प्राचार्य के नेतृत्व में सभी संकाय सदस्यों व छात्राओं ने 2 मिनट का मौन रखकर बापू को श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात महाविद्यालय प्राचार्य प्रो .नवदीप सिंह बैंस,प्रो. असित गोस्वामी, प्रो. महेश कुमार रचयिता, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ अंजू सांगवा,  सुनीता बिश्नोई , सुनीता सियाग व स्वयंसेविकाओं द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित करके राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। प्राचार्य ने कहा कि गांधी जीवन दर्शन समग्र जीवन दर्शन है इसका अनुसरण कर हम अपने जीवन को नई दिशा व दशा दे सकते हैं प्राचार्य ने कहा कि महात्मा गांधी मात्र एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक ऐसा विचार है जिसे मिटाया नहीं जा सकता उन्होंने सत्य और अहिंसा को शक्ति और हिंसा से कहीं अधिक शक्तिशाली बना दिया  है 
 

प्रो. महेश कुमार रचयिता ने महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े हुए अनेक संस्मरण को सुना कर उनके जीवन से जुड़े हुए अनछुए पहलुओं से विद्यार्थियों को परिचित करवाया उन्होंने कहा कि उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत को स्वतंत्रता दिलाई । गांधी का जीवन सादगी, त्याग और मानवता की सेवा का प्रतीक था उनका मानना था कि दुनिया को हिंसा से नहीं बल्कि प्रेम और सत्य से बदला जा सकता है ।आज भी उनके विचार हमें शांति एकता और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देते हैं
 

प्रो. असित गोस्वामी ने कहा कि गांधी जी के आदर्श विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की नींव हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी का स्वदेशी (आत्मनिर्भरता) पर जोर और अहिंसा का मार्ग देशवासियों को कर्तव्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता रहता है।
 

कार्यक्रम अधिकारी डॉ अंजू सांगवा ने संबोधन में कहा सत्य और अहिंसा के प्रतीक बापू के विचार भारत की आत्मा में रचे-बसे हैं, जो हमें अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा और ताक़त देते है युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ सुनीता बिश्नोई के द्वारा किया गया । इस अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं शांति बनाए रखने का संकल्प लिया।

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