बीकानेर की रम्मत परंपरा: लोकनाट्य, अभिनय और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम
RNE Bikaner.
बीकानेर की रम्मत परंपरा एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में है इन रम्मतों में लोकनाट्य परंपरा तथा अभिनय कला एक साथ देखने को मिलती है साथ में मनोरंजन, हास्य, व्यंग्य, और सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, मुद्दो का उल्लेख गीतों के माध्यम से सुनने को मिलता है ये रम्मते नाटक के माध्यम से प्रदर्शित कि जाती है बीकानेर शहर के परकोटे के भीतर मुख्य रूप से फक्कड़ दाता की रम्मत-नत्थुसरगेट के अंदर, भक्त पूरणमल की रम्मत और मां आशापुरा बिस्सो का चौक, स्वांग मेहरी रम्मत- भठडो का चौक, जमना दास कल्ला की रम्मत- व्यासो का चौक, बारह गुवाड चौक की रम्मतों में स्वांग मेहरी रम्मत, शहजादी नौटंकी की रम्मत, हडाउ मेहरी की रम्मत,
अमर सिंह राठौर की रम्मत- आचार्यो का चौक, हडाउ मेहरी रम्मत-मरुनायक चौक, इसके अलावा हर्ष व्यास पानी खेल,ओझा छंगाणी पानी खेल,सिंगियो का चौक पानी खेल, चंग धमाल- जस्सुसर गेट, धरणीधर मैदान फागणिया फुटबॉल, मंदिरों में फाग उत्सव, होली के दिन तणी कार्यक्रम आज भी देखने को मिलते हैं, होली के अवसर पर शहर के भीतर रात को भी मेले जैसा माहौल सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है


