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BKESL ने कहा, तूफान में पोल-ट्रांसफार्मर गिरने का खतरा, 25 से ज्यादा पोल क्षतिग्रस्त, जनहित में रोकी जाती है बिजली आपूर्ति

 
RNE Bikaner.
आंधी आते ही बिजली चली जाए तो अक्सर लोग नाराज़ हो जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह कदम आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए उठाया जाता है? बीकानेर में इन दिनों लगातार आ रहे धूलभरे तूफानों और तेज आंधियों के बीच बीकानेर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई लिमिटेड (BKESL) ने स्पष्ट किया है कि आंधी के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने का निर्णय जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
कंपनी के अनुसार तेज हवाओं के दौरान बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि ऐसे समय बिजली चालू रहे तो करंट फैलने, शॉर्ट सर्किट या अन्य दुर्घटनाओं से जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
पिछले दिनों गिरे 25 से अधिक पोल
BKESL के प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष लगातार आ रही तेज आंधियों ने विद्युत तंत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाल ही में आए तूफान में 25 से अधिक बिजली के पोल धराशायी हो गए, जबकि दो ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगहों पर तेज हवा के कारण लोहे के खंभे तक मुड़ गए। ऐसे हालात में कंपनी ने दूरदर्शिता दिखाते हुए पहले ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी, जिससे संभावित हादलों को टाला जा सका।
साढ़े तीन घंटे में बहाल कर दी 40 प्रतिशत शहर की बिजली
BKESL का दावा है कि तूफान के बाद 25 से अधिक तकनीकी टीमें और 35 अभियंता तुरंत मैदान में उतरे। कंपनी के अनुसार शहर के लगभग 40 प्रतिशत प्रभावित क्षेत्रों में महज साढ़े तीन घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। मंगलवार को भी कई इलाकों में तकनीकी टीमों ने तेजी से काम करते हुए कुछ ही घंटों में बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी।
बिजली चालू रखकर जोखिम नहीं ले सकते
कंपनी का कहना है कि यदि आंधी के दौरान बिजली आपूर्ति जारी रखी जाए और कोई हादसा हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? इसलिए जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आंधी और तूफान के समय एहतियातन बिजली बंद करना आवश्यक होता है। BKESL ने शहरवासियों से अपील की है कि खराब मौसम और आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बंद होने पर सहयोग करें तथा इसे असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा उपाय के रूप में समझें।

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