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BKESL का बड़ा एक्शन: 2 पावर ट्रांसफॉर्मर अपग्रेड, 150 डीटी क्षमता बढ़ी, 37 एफआरटी टीमें तैनात

Bikaner शहर में निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए बड़े स्तर पर काम, नए फीडर और लोड बैलेंसिंग से उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
 
RNE Bikaner
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते बिजली लोड के बीच बीकानेर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई लिमिटेड (BKESL) ने बीकानेर शहर की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर तकनीकी और आधारभूत सुधार किए हैं। कंपनी ने ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाने, नए फीडर तैयार करने, ट्रिपिंग कम करने और फॉल्ट रिपेयर सिस्टम को मजबूत करने जैसे कई अहम कदम उठाए हैं, ताकि गर्मियों में शहरवासियों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल सके।
37 एफआरटी, तुरंत कार्रवाई
बीकेईएसएल के सीओओ हरीश चंद्र सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति में फॉल्ट आने पर त्वरित समाधान के लिए एफआरटी (Fault Repair Team) की संख्या बढ़ाकर 37 कर दी गई है। यदि शिकायत के एक घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं होती है तो उपभोक्ता 9116155021 और 9116155070 नंबर पर दोबारा शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
02 बड़े पावर ट्रांसफॉर्मर अपग्रेड
* 5 MVA ट्रांसफॉर्मर को बढ़ाकर 8 MVA किया गया। 
* 8 MVA ट्रांसफॉर्मर को बढ़ाकर 10 MVA किया गया। 
* 150 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ी, 300 का मेंटेनेंस। 
* कुल 530 ट्रांसफॉर्मरों का विश्लेषण कर सुधार योजना बनाई गई

75 फीडर ट्रिपिंग रोकने के लिए चिन्हित

शहर के 11 केवी के 185 फीडरों में से 75 ऐसे फीडर चिन्हित किए गए जिनसे 80 प्रतिशत ट्रिपिंग होती थी। इन फीडरों पर पेड़ों की टहनियां हटाई गईं। इंसुलेटर बदले गए। जम्पर रिपेयर किए गए। 
इन 05 फीडर से जुड़े इलाकों में हुई लोड बैलेंसिंग
* अंबेडकर नगर → कैमल फार्म फीडर
* सिटी भगवानपुरा → घरसीसर चौधरी कॉलोनी
* महावीर चौक → एमडीवी
* गणेश विहार → उदासर-रामसर
* पलाना फीडर से कनेक्टिविटी
नए फीडरों से मिलेगा ये फायदा
* 132 केवी पूगल रोड जीएसएस से एमडीवी और गौशाला जीएसएस के लिए अतिरिक्त 33 केवी फीडर तैयार। 
* गंगाशहर क्षेत्र, चौधरी कॉलोनी, पवनपुरी-सादुलगंज और खारा औद्योगिक क्षेत्र के लिए 3 नए 11 केवी फीडर। 
* खारा और बीछबाल औद्योगिक क्षेत्र के लिए अलग-अलग फीडर व्यवस्था लागू। 
BKESL का दावा: गर्मियों में बेहतर रहेगी सप्लाई : 
कंपनी का कहना है कि इन सभी कार्यों के बाद शहर के अधिकांश क्षेत्रों में वोल्टेज समस्या, ट्रिपिंग और ओवरलोड की स्थिति में काफी सुधार होगा तथा उपभोक्ताओं को पहले से बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।

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