हवा में कार्टव्हील, जुबां पर दुनिया का भूगोल; बीकानेर की बेटी ने बनाए दो वर्ल्ड रिकॉर्ड
RNE Bikaner.
प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, यह बात बीकानेर की 5 वर्षीय बालिका महान्या सिंह राजपुरोहित ने साबित कर दी है। अपनी अद्भुत शारीरिक क्षमता, असाधारण स्मरण शक्ति और बहुमुखी प्रतिभा के दम पर महान्या ने ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ और ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में नाम दर्ज कराकर बीकानेर का गौरव बढ़ाया है।

भाजपा नेता गुमान सिंह राजपुरोहित की पौत्री महान्या ने ऐसा कारनामा किया, जिसने निर्णायकों को भी हैरान कर दिया। उन्होंने मात्र 6 मिनट 18 सेकंड में लगातार 50 कार्टव्हील किए। खास बात यह रही कि हर कार्टव्हील के दौरान वे स्क्रीन पर दिखाई दे रहे देशों के झंडों को पहचानते हुए संबंधित देश का नाम, राजधानी और वहां स्थित यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का नाम भी बताती रहीं। इतनी कम उम्र में शारीरिक संतुलन और बौद्धिक क्षमता का यह अनूठा संगम सभी के लिए कौतूहल का विषय बन गया है।
जिम्नास्ट ही नहीं, तीरंदाज और लेखिका भी :
महान्या केवल जिम्नास्टिक तक सीमित नहीं हैं। वह प्रशिक्षित आर्चर भी हैं और अब लेखन के क्षेत्र में भी कदम रख चुकी हैं। उनकी पहली पुस्तक “Mahanya – The Warrior on the Mat” हाल ही में प्रकाशित हुई है। बच्चों के लिए लिखी गई यह प्रेरणादायक पुस्तक साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का संदेश देती है। पुस्तक को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और यह ‘बेस्ट सेलर’ श्रेणी में भी ट्रेंड कर रही है।

गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने का सपना :
अपनी उपलब्धि पर महान्या ने कहा कि उनकी सफलता का श्रेय माता-पिता और परिवार को जाता है, जिन्होंने घर पर अभ्यास की व्यवस्था करने के साथ पेशेवर प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया। महान्या का अगला लक्ष्य अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भारत का नाम रोशन करना है।
परिवार और शहर में खुशी की लहर :
महान्या की इस उपलब्धि से माता प्रतिभा सिंह, पिता पुष्पेंद्र सिंह राजपुरोहित सहित पूरे परिवार में उत्साह का माहौल है। राजपुरोहित समाज और बीकानेर के खेल प्रेमियों ने भी इस नन्ही प्रतिभा को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर महान्या की उपलब्धि की व्यापक चर्चा हो रही है।

