महिला आरक्षण कानून को बिना शर्त लागू करने की मांग, AIDWA का बीकानेर में प्रदर्शन
RNE Bikaner.
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) के राष्ट्रिय आह्वान के तहत बीकानेर जिला मुख्यालय पर राज्य महासचिव डॉ. सीमा जैन के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया तथा जिला कलेक्टर के माध्यम से देश की राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। संगठन की बीकानेर जिला सचिव फरजाना द्वारा जारी विस्तृत प्रेस बयान में बताया गया कि संसद द्वारा पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' (महिला आरक्षण कानून) को आगामी जनगणना और परिसीमन जैसी जटिल, अनिश्चित व अत्यधिक दीर्घकालिक प्रक्रियाओं की शर्त से जोड़कर इसके वास्तविक कार्यान्वयन को अधर में लटका दिया गया है,
जो देश की आधी आबादी के राजनीतिक अधिकारों पर सीधा आघात है। बयान में रेखांकित किया गया कि वर्तमान में देश की राज्य विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 10% से भी कम होना अत्यंत निराशाजनक व चिंताजनक है; महिला आरक्षण कोई राजनीतिक मेहरबानी या प्रशासनिक एजेंडे का साधन नहीं, बल्कि महिलाओं का स्वतंत्र, मौलिक एवं संवैधानिक अधिकार है, जिसे बिना किसी शर्त तत्काल लागू किया जाना चाहिए। जनवादी महिला समिति ने केंद्र सरकार से यह पुरजोर मांग की है कि संसद के मानसून सत्र में अविलंब संशोधन विधेयक लाकर इस अधिनियम को जनगणना व परिसीमन की बाध्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए और संसद व देश की सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत (एक-तिहाई) सीटों का आरक्षण अविलंब धरातल पर प्रभावी बनाया जाए। इस दौरान आयोजित विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी एवं जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में राज्य महासचिव डॉ. सीमा जैन एवं जिला सचिव फरजाना के साथ जिला उपाध्यक्ष रमजानी, डॉ. दुर्गा चौधरी, बिंदु जैन, कोषाध्यक्ष उर्मिला बिश्नोई और संयुक्त सचिव रहमत, रजिया, वर्षा पंचारिया, जेता सारण, हाजरा बानो, मुन्नी, सहित संगठन की अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा आम महिलाएं उपस्थित रहीं।

