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देशनोक मंदिर भूमि विवाद में पालिकाध्यक्ष और पार्षद पर भूमाफियाओं की मदद के आरोप

 

RNE Deshnok-Bikaner.

देशनोक में श्रीचतुर्भुज मंदिर भूमि विवाद का मसला गहराता जा रहा है। इस मामले में भूमाफियाओं को राजनीतिक संरक्षण देने के आरोप लगते हुए देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है। 

दरअसल श्री चतुर्भुज भगवान मंदिर, देशनोक की भूमि विवाद के संदर्भ में चौपाणी ब्राह्मण समाज संघर्ष समिति ने देवस्थान, गौपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत को बीकानेर सर्किट हाउस में ज्ञापन सौंपा। 
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मंदिर की भूमि पर कुछ समाजकंटकों द्वारा अतिक्रमण किया गया है तथा अवैध रूप से भूमि को बेचने और मंदिर की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें यह भी बताया गया कि देशनोक नगर पालिका के चेयरमैन एवं कुछ पार्षद इन भूमाफियाओं की खुलकर मदद कर रहे हैं। पुलिस विभाग ने मंदिर की संपत्ति के सत्यापन के लिए नगर पालिका से प्रमाण पत्र लाने को कहा है, लेकिन लंबे समय से ई.ओ. महोदय अवकाश पर होने का हवाला देकर नगर पालिका प्रशासन मंदिर संबंधी पत्र देने में टालमटोल कर रहा है, जबकि अन्य पत्र उनकी अनुपस्थिति में जारी किए जा रहे हैं। समिति ने बताया कि देशनोक नगर पालिका में भ्रष्टाचार और मिलीभगत चरम पर है और सरकार को इस ओर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता है।
मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने पूरी जानकारी प्राप्त कर मंदिर भूमि पर अतिक्रमण करने वालों एवं उन्हें सहयोग देने वालों के प्रति नाराज़गी व्यक्त की और स्पष्ट कहा कि देवस्थान अथवा सरकारी भूमि पर निजी स्वार्थवश कब्ज़ा करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए और हर प्रकार से सहयोग का आश्वासन दिया।
समिति की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ज्ञापन संघर्ष समिति के महामंत्री अविनाश उपाध्याय की अनुशंसा पर अध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय एवं अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र के रूप में समिति के संरक्षक एवं समाजसेवी रमेश कुमार उपाध्याय ने मंत्री को भेंट कर सौंपा।

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