Devisingh Bhati ने भीड़ के साथ DGP से मिलने की घोषणा की, SP मृदुल कछावा ने बात से निकाला समाधान
RNE Bikaner.
पूर्वमंत्री देवीसिंह भाटी की एक घोषणा से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन- फानन में भाटी को संदेशा गया। SP मृदुल कच्छावा ने बातचीत के लिए बुलाया। विधायक पोते अंशुमानसिंह के साथ देवीसिंह भाटी मिलने पहुंचे। लंबी बातचीत हुई और बाहर आकर कहा, सभी मांगों पर हो गई बात। अपनी पूर्व घोषणा को स्थगित कर दिया।
दरअसल देवीसिंह भाटी ने बुधवार दोपहर को घोषणा की कि वे भारी संख्या में समर्थकों के साथ DGP राजीव शर्मा से मिलेंगे। इसके लिए कार्यकर्ताओं को बीकानेर पहुंचने की अपील जारी कर दी। गांव- गांव सूचना पहुंचने लगी। इधर पुलिस भी एक्टिव हो गई। लगा सर्किट हाऊस के में DGP के आगमन पर भीड़ जुटेगी। ऐसे में SP मृदुल कच्छावा की पहल पर बातचीत हुई। इसके बाद भाटी ने समर्थकों को बीकानेर कूच स्थगित होने की जानकारी दी।

भाटी ने पुलिस कार्यप्रणाली पर उठाए थे सवाल :
प्रदेश में लगातार बढ़ रही चोरी, अवैध खनन, नशे के कारोबार और कानून व्यवस्था को लेकर भाटी ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में चोरियों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस 70 से 80 प्रतिशत मामलों में चोरी रोकने और बरामदगी में विफल साबित हो रही है। खासतौर पर दुपहिया वाहन चोरी के मामलों में चोरी के वाहन खुलेआम चलाए और ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 7-8 हजार रुपए में बेचे जा रहे हैं, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
भाटी ने सुझाव दिया कि पिछले 10 वर्षों के दुपहिया वाहनों का डेटा कंपनियों से लेकर गांव-गांव में पुलिस द्वारा रजिस्ट्रेशन जांच अभियान चलाया जाए, क्योंकि अधिकांश वाहन शहरों से चोरी होकर गांवों में पहुंचते हैं।
अवैध बजरी खनन पर भी जताई चिंता :
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बजरी का अवैध खनन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। पुलिस थानों के सामने से ही बजरी से भरे वाहन गुजरते हैं, फिर भी कार्रवाई नहीं होती। कई मामलों में माफिया द्वारा अधिकारियों पर हमले तक हो रहे हैं, जिससे उनके हौसले और बढ़ रहे हैं।
सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स और हथियारों की तस्करी :
भाटी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स गिराए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा बल करता है, जबकि स्थानीय पुलिस इस दिशा में सक्रियता नहीं दिखा रही, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी का नेटवर्क मजबूत हो रहा है।
युवाओं में बढ़ता नशा और सड़क हादसे :
भाटी ने कहा कि प्रदेश में एमडी, स्मैक, गांजा, अफीम, चरस सहित नशीले पदार्थों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और धार्मिक स्थलों के आसपास भी खुलेआम बिक्री हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस छोटे आरोपियों को पकड़ती है, लेकिन सप्लायर और मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंचती।
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में हेलमेट की अनिवार्यता और ऑनलाइन चालान प्रणाली लागू करने की मांग की, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
अवैध शराब और ट्रैफिक सुरक्षा पर भी उठाए मुद्दे :
उन्होंने कहा कि अवैध शराब का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जिसमें राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से गुजरात तक सप्लाई हो रही है। बावजूद इसके मुख्य सप्लायर तक कार्रवाई नहीं पहुंचती।
साथ ही, कमजोर दृष्टि वाले चालकों द्वारा भारी वाहन चलाने को दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बताते हुए परिवहन, पुलिस और चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम बनाकर ड्राइवरों की नियमित जांच की मांग की।
पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन :
भाटी द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर पुलिस अधीक्षक बीकानेर ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही महानिदेशक पुलिस के बीकानेर आगमन के दौरान इन बिंदुओं को अवगत कराने की बात भी कही गई है।
इस बीच, भाटी और मृदुल कच्छावा द्वारा 2 अप्रैल को सर्किट हाउस में प्रस्तावित कानून व्यवस्था सुधार पर वार्ता कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

