मेडिकल कॉलेज में ध्वजारोहण कर डॉक्टर सुरेन्द्र वर्मा ने चिकित्सकों के दायित्व बताए
Rudra News Express Bikaner.
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज परिसर में प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेन्द्र वर्मा ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रध्वज फहराने के बाद राष्ट्रगान हुआ और चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों, पैरामेडिकल स्टाफ, विद्यार्थियों एवं कॉलेज कार्मिकों ने तिरंगे को सलामी दी।
इस अवसर पर डॉ. सुरेन्द्र वर्मा ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने त्याग, तपस्या और बलिदान दिया। उनके संघर्ष को याद रखना और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के सामाजिक दायित्वों को रेखांकित करते हुए कहा कि चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी मरीजों की सेवा के माध्यम से सीधे समाज और राष्ट्र की सेवा करते हैं। मरीज के प्रति संवेदना, सेवा भाव, अनुशासन और समर्पण चिकित्सा पेशे की मूल भावना होनी चाहिए।
मेडिकल कॉलेज और पीबीएम में विकास कार्यों पर जोर :
प्राचार्य ने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सा संस्थानों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के साथ मरीजों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पीबीएम अस्पताल में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, नई चिकित्सा सुविधाओं के विकास, भवनों के निर्माण एवं नवीनीकरण तथा आधुनिक चिकित्सा संसाधनों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन प्रयासों का लाभ चिकित्सा विद्यार्थियों के साथ मरीजों को भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान के बड़े चिकित्सा शिक्षा एवं उपचार केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बदलती चिकित्सा जरूरतों के अनुरूप संस्थान को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
सेवा और संवेदना के साथ दायित्व निभाने का आह्वान :
डॉ. सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को याद करने का दिन है। उन्होंने चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं विद्यार्थियों से सेवा, संवेदना, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला हैं। चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति यदि ईमानदारी और मानवीय संवेदना के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाए तो यह राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान होगा।

