राजस्थान के शिक्षा विभाग के मन्त्रालयिक कर्मचारियों और शिक्षकों के आने-जाने के समय किए जाने वाले हस्ताक्षर पर विवाद
Rudra News Express Bikaner.
राजस्थान के शिक्षा विभाग के मन्त्रालयिक कर्मचारियों और शिक्षकों के आने-जाने के समय किए जाने वाले हस्ताक्षर पर विवाद हो गया है। मन्त्रालयिक कर्मचारियों का आरोप है कि नियमों की मनमानी व्याख्या कर दो तरह से लागू किया जा रहा है। इससे मन्त्रालयिक कर्मचारियों को उपेक्षा और भेदभाव महसूस हो रहा।
एक ही नियम को दो वर्गों के लिए अलग तरीके से लागू करने से शिक्षकों-मन्त्रालयिकों के के बीच सामंजस्य गड़बड़ाने की भी स्थिति बन गई है। इस संबंध में शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष कमलनारायण आचार्य ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपकर सभी कार्यालयों, संस्थाओं और विद्यालयों में समान नियम लागू करने की मांग की है।
ज्ञापन के साथ निदेशक की ओर से पूर्व में जारी पत्र की प्रति भी ईमेल के माध्यम से भेजी है। मांग की कि राज्य सरकार के नियमों के अनुरूप सभी संस्थानों में एक समान व्यवस्था लागू की जाए। प्रदेशाध्यक्ष का आरोप है कि एक ही नियम को दो भागों में विभाजित कर लागू किया जा रहा है। उनके अनुसार, नियमों की अनदेखी करते हुए संस्थानों और विद्यालयों में केवल एक व्यक्ति को यह बताया गया कि मंत्रालयिक कर्मचारियों के लिए लघु हस्ताक्षर करने और आने-जाने का कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने मांग की कि नियमों को सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू किया जाए और इस संबंध में जारी आदेश को सार्वजनिक रूप से सभी कार्यालयों, संस्थाओं एवं विद्यालयों तक पहुंचाया जाए।

