मालगाड़ियां बीकानेर स्टेशन में आए बिना गुजरेंगी, फाटक बंद रहने की समस्या से शहरवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
RNE Bikaner.
बीकानेर के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने नाल–पलाना के बीच गुड्स ट्रेन बाईपास रेलमार्ग को मंजूरी दे दी है। लगभग ₹448 करोड़ (करीब ₹450 करोड़) की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डीपीआर तैयार की जा रही है। बाईपास बनने के बाद जैसलमेर की ओर से आने वाली मालगाड़ियां बीकानेर रेलवे स्टेशन और यार्ड में प्रवेश किए बिना सीधे मेड़ता रोड की दिशा में संचालित हो सकेंगी।
इस परियोजना से बीकानेर रेलवे यार्ड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, रेल संचालन अधिक सुगम होगा और मालगाड़ियां कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगी। सबसे बड़ी राहत शहरवासियों को मिलेगी, क्योंकि मालगाड़ियों के कारण रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहने की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने 21 जून को बीकानेर दौरे के दौरान इस बाईपास की घोषणा की थी। उस दौरान कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर इस परियोजना की आवश्यकता और इसके लाभों से अवगत कराया था। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने भी इस परियोजना को स्वीकृति दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह बाईपास आकार में भले छोटा होगा, लेकिन परिचालन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे माल परिवहन क्षमता बढ़ेगी, बीकानेर यार्ड पर दबाव कम होगा और भविष्य की बढ़ती रेल यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही शहर में रेल यातायात कम होने से शोर और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
परियोजना से प्रमुख फायदे
₹450 करोड़ की लागत से बनेगा नाल–पलाना गुड्स ट्रेन बाईपास।
मालगाड़ियां बीकानेर स्टेशन और यार्ड में आए बिना सीधे गुजर सकेंगी।
रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहने की समस्या से राहत मिलेगी।
बीकानेर यार्ड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
मालगाड़ियों की गति और समयबद्धता में सुधार होगा।
शहर में शोर और प्रदूषण कम होगा तथा रेल संचालन अधिक सुगम बनेगा।

