जोशी का नया कहानी संग्रह "सारंगी" : जानिए कैसी किताब, साहित्यकारों ने क्यों बताया संवेदनाओं का सशक्त दस्तावेज!
Rudra News Express Bikaner.
वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र जोशी एक बार फिर अपने नए राजस्थानी कहानी-संग्रह ^सारंगी' के माध्यम से पाठकों के बीच आए हैं। पुस्तक के लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने कहा, 13 कहानियों से सजी यह किताब मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकारों और जीवन के विविध रंगों को समेटे हुए है।समारोह में वक्ताओं ने कहा कि 'सारंगी' केवल कहानियों का संग्रह नहीं, बल्कि समाज के बदलते परिवेश, रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं की गहन पड़ताल करने वाली कृति है।
क्या है 'सारंगी' की खासियत?
पुस्तक पर पत्रवाचन करते हुए डॉ. रेणुका व्यास 'नीलम' ने सभी कहानियों के शिल्प, कथ्य और वैचारिक पक्ष का विस्तार से विश्लेषण किया। कहा, संग्रह में शामिल 13 कहानियां अलग-अलग विषयों पर आधारित हैं। इनमें सामाजिक यथार्थ, मानवीय संवेदनाएं, बदलते रिश्ते और जीवन के विविध अनुभवों को राजस्थानी भाषा की सहज एवं प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया गया है।
डॉ. अर्जुन देव चारण बोले :
अध्यक्षता करते हुए डॉक्टर अर्जुनदेव चारण ने कहा कि राजेन्द्र जोशी की कहानियां साहित्यिक मापदंडों पर पूरी तरह खरी उतरती हैं। वे पात्रों और कथानक के अनुरूप विविधतापूर्ण कहानियां रचते हैं। उनकी रचनाएं समाज की विसंगतियों को उजागर करने के साथ उन्हें दूर करने का संदेश भी देती हैं।
मालचंद तिवाड़ी ने ये कहा :
मुख्य अतिथि मालचंद तिवाड़ी ने कहा, साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक का दायित्व समाज को दिशा देना है। राजेन्द्र जोशी का साहित्य इस कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरता है। सभी साहित्यिक विधाओं में उनका सतत लेखन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
मधु आचार्य 'आशावादी' ने सारंगी की खूबियां बताई :
विशिष्ट अतिथि मधु आचार्य "आशावादी" ने कहा कि 'सारंगी' विभिन्न विषयों पर आधारित संवेदनशील कहानियों का उत्कृष्ट संग्रह है। इसकी कहानियां पाठक को शुरुआत से अंत तक बांधे रखती हैं, जो किसी भी कथाकार की बड़ी उपलब्धि है।
समारोह में डॉ. नरेश गोयल, वरिष्ठ गीतकार राजाराम स्वर्णकार, ज्योति प्रकाश रंगा, डॉ. रामलाल पड़िहार ने विचार रखे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्यकार, लेखक और साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।

