कामेश्वर सहल को 2026 का रंग आनंद अवार्ड समर्पित, खचाखच भरा टाउन हॉल भावुक हुआ
RNE Special.
टाउन हॉल का मंच ! मंच पर केवल दो शख्सियत ! समर्पित रंग साधक कामेश्वर सहल खड़े हुए और कुर्सी पर बैठे संकल्प के अध्यक्ष विद्यासागर आचार्य ! हाथ में माइक पकड़े हुए एंकर संजय पुरोहित जो कामेश जी के बारे में बोल रहे थे!!

फिर मंच पर आये प्रख्यात ज्योतिर्विद राजेन्द्र व्यास ' मम्मू महाराज ' व बीकानेर के वरिष्ठ रंगकर्मी प्रदीप भटनागर, रंगकर्मी मधु आचार्य ' आशावादी '। कामेश जी को माल्यर्पण करते हुए प्रदीप भटनागर भावविहल थे तो कामेश जी भी भावुक, दोनों गले मिले। फिर जीत सिंह, बुलाकी भोजक, अनिरुद्ध उमट आदि जो भी माल्यर्पण के लिए आये, सबने कामेश जी के चरण छूकर आर्शीवाद लिया, कामेश जी ने हरेक को गले लगाया।

ये भावुक दृश्य इस बात की गवाही थे कि कामेश जी का बीकानेर रंगमंच को बड़ा अवदान है। वो भी निःस्वार्थ। एक साधक की तरह उन्होंने संगीत व फिल्म के क्षेत्र में सक्रिय होने के बाद भी रंगकर्मियों के लिए दिल के दरवाजे खुले रखे और जो मदद चाही, पहल से की। हर रंगकर्मी का उनके चरण स्पर्श करना कामेश के विराट व्यक्तित्त्व का परिचायक तो था ही, साथ ही उनके गहरे सम्मान को भी अभिव्यक्त कर रहा था।

फिर शुरू हुआ कामेश जी का सम्मान। रंगकर्मी व साहित्यकार मधु आचार्य ' आशावादी ' ने साफा पहना आशीर्वाद लिया। प्रदीप भटनागर ने शॉल ओढ़ाकर स्नेह पाया। मम्मू महाराज ने श्रीफल दिया। सम्मान पत्र दिया। विद्यासागर आचार्य ने सम्मान राशि भेंट की। सभी ने अभिनन्दन पत्र दिया। इस पूरी प्रक्रिया में कामेश जी के चेहरे पर विनम्रता के ही भाव थे, जो उनकी विराटता को दर्शा रहे थे। वहीं, उनके चेहरे पर वैसी ही सदाबहार मुस्कान थी जैसी स्व आनंद वी आचार्य के चेहरे पर सदा रहती थी। सम्मान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूरे हॉल के दर्शकों ने हाथ ऊपर उठाकर क्लेपिंग की और कामेश जी को मन की गहराईयों से सम्मान दिया। इस सम्मान की खासियत, सम्मान देने वाले और सम्मान पाने वाले, भावुक थे। यही होता है हकदार का सम्मान।


