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नृसिंह जयंती: मंदिरों में पंचामृत अभिषेक, दोपहर बाद शहरभर में सजे मेले और नृसिंह लीला का जीवंत मंचन

 

RNE Bikaner.

राजाल्डो बोहरा की स्पेशल रिपोर्ट

नृसिंह जयंती के अवसर पर बीकानेर शहर भक्ति और उत्साह के रंग में रंग गया। सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में भगवान नृसिंहदेव का पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं और सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

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दोपहर बाद शहर के विभिन्न इलाकों में पारंपरिक मेलों की रौनक देखने को मिलेगी। लखोटिया चौक, डागा-बिस्सा चौक, लालानी चौक, नथूसर गेट, गोगा गेट और दुजारी गली सहित कई स्थानों पर मेले भरेंगे, जहां स्थानीय लोग परिवार सहित उमड़ेंगे।

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इस दौरान नृसिंह लीला का विशेष आकर्षण रहेगा। “हिरणा रे किसना गोविंदा पैलाद भजे...” के उद्घोष के साथ सैकड़ों श्रद्धालु काले लबादे में सजे हिरण्यकश्यप के पीछे दौड़ते नजर आएंगे। हाथ में हंटर लिए यह राक्षस अपने पुत्र भक्त प्रह्लाद का वध करने को आतुर दिखेगा। इसी रोमांचक दृश्य के बीच खंभ फाड़कर भगवान नृसिंह प्रकट होंगे और भक्त प्रह्लाद की रक्षा करते हुए हिरण्यकश्यप का वध करेंगे।

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शहर में सदियों पुरानी इस परंपरा को देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ती है। नृसिंह लीला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि बीकानेर की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण भी है।

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