निरमा मूंड को मिली पीएचडी की उपाधि, कुटकी से वृक्कों को विकिरण व मर्करी से बचाव पर किया शोध
RNE Bikaner.
महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर द्वारा राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राणिशास्त्र विभाग की शोधार्थी निरमा मूंड को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई है।
निरमा मूंड ने अपना शोध कार्य “स्विस एल्बिनो चूहों के वृक्क में विकिरण एवं मर्करी का प्रभाव एवं उनका पिक्रोरिजा कुरोआ (कुटकी) द्वारा बचाव” विषय पर पूर्ण किया। उनका शोध कार्य राजकीय डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राजेंद्र कुमार पुरोहित के निर्देशन में संपन्न हुआ।
शोध में विकिरण एवं मर्करी के कारण स्विस एल्बिनो चूहों के वृक्क पर पड़ने वाले प्रभावों तथा औषधीय पौधे पिक्रोरिजा कुरोआ (कुटकी) की सुरक्षात्मक भूमिका का अध्ययन किया गया।
प्राचार्य प्रो. राजेंद्र कुमार पुरोहित ने निरमा मूंड को पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त करने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि महाविद्यालय में हो रहे गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों का प्रमाण है। उन्होंने उनके उज्ज्वल अकादमिक भविष्य की कामना की।

