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Dotasara का बीकानेर में दर्द छलका : इंसान गलतियों का पुतला है, अगर थोड़ा सब्र कर लेते तो आज स्थिति अलग होती

 


RNE Bikaner. 

Rajasthan प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा मंगलवार को बीकानेर में कांग्रेस के सरकार विरोधी प्रदर्शन में भले ही पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्था और सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के मुद्दे पर भजनलाल और मोदी सरकार पर जमकर बरसे, लेकिन उनके पूरे भाषण में सबसे अधिक पीड़ा बीकानेर कांग्रेस की अंदरूनी कलह को लेकर दिखाई दी। मंच से उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं को खुली नसीहत देते हुए कहा कि "थोड़ा सा सब्र कर लेते, थोड़ा दिमाग लगा लेते तो आज बीकानेर से कांग्रेस का सांसद होता और जो आज मंत्री बने बैठे हैं, वे भाभीजी के पापड़ बेच रहे होते।"

डोटासरा ने बिना किसी का नाम लिए लोकसभा चुनाव में पार्टी की अंदरूनी खींचतान को हार का बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की छोटी-छोटी नाराजगियों और आपसी मतभेदों का फायदा भाजपा ने उठाया। अगर सभी नेता एकजुट रहते तो चुनाव का परिणाम अलग होता।

उन्होंने स्वर्गीय रामेश्वर डूडी को याद करते हुए कहा कि वे कांग्रेस के बड़े नेता थे और उन्होंने हमेशा संगठन को मजबूत किया। उन्होंने कहा, "इंसान गलतियों का पुतला है। भावनाओं में बहकर फैसले हो जाते हैं, लेकिन अगर थोड़ा सब्र कर लेते तो आज स्थिति अलग होती।"

एक जाजम पर नहीं बैठे तो फिर चुनाव की जरूरत भी नहीं रहेगी : 

प्रदेशाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस आपसी लड़ाई में उलझी रही तो पार्टी कमजोर होगी और इसका फायदा भाजपा को मिलेगा। उन्होंने कहा, "अगर बेईमानों का फिर राज आ गया तो हिंदुस्तान में कभी चुनाव नहीं होंगे। वोट डालने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। हमें एक जाजम पर बैठकर लड़ाई लड़नी होगी।" उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की रणनीति ही कांग्रेस को अंदर से बांटने की रहती है। "वे ऐसा माहौल बनाते हैं कि हमारे लोग आपस में लड़ने लगते हैं और उनका उल्लू सीधा हो जाता है।"

ये है बीकानेर कांग्रेस में विवाद : 

कुछ दिन पहले पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल का एक ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के दिवंगत नेता रामेश्वर डूडी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल के लिए कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इस विवाद के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक विरोध किया और मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा। इसके बाद संगठन में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

इसी बीच देहात कांग्रेस के आंदोलन से अलग रहे गोविंदराम मेघवाल ने बॉर्डर मुद्दे पर अलग आंदोलन की घोषणा कर दी थी। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीकानेर दौरे के दौरान मंगलवार को गोविंदराम मेघवाल भी मंच पर नजर आए।

सरकार पर भी बोला हमला : 

डोटासरा ने अपने संबोधन में पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, किसानों की समस्याओं, फसल बीमा, भ्रष्टाचार और सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष जनता के मुद्दों के लिए है और कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत कर जनता के बीच जाना होगा।

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