PHED Bikaner : जय गोपाल जोशी की अगुवाई में प्रदर्शन, जमकर लगाए नारे, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
Jun 11, 2026, 15:48 IST
RNE Bikaner.
राजस्थान पीएचईडी तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर गुरुवार को बीकानेर में तकनीकी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश महामंत्री जयगोपाल जोशी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने जल भवन स्थित अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर एक दिवसीय उपवास और धरना देकर सरकार व विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की तथा मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा।
संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को लंबे समय से लंबित रखा गया है। इनमें समर्पित उपार्जित अवकाश का भुगतान, आरजीएचएस भुगतान, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति सहित कई वित्तीय और गैर-वित्तीय मांगें शामिल हैं।
सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक चला उपवास :
शहर जिलाध्यक्ष अखेचंद मारू और देहात जिलाध्यक्ष अशोक सोलंकी ने बताया कि जिला मुख्यालय पर जल भवन, गंगाशहर रोड स्थित अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक एक दिवसीय उपवास रखा गया। इसमें शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में तकनीकी कर्मचारी शामिल हुए।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता को सौंपा ज्ञापन :
धरना-प्रदर्शन और उपवास कार्यक्रम के बाद कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पुरोहित को मांग-पत्र सौंपा। कर्मचारियों ने उनसे आग्रह किया कि उनकी लंबित मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाकर शीघ्र समाधान करवाया जाए, ताकि तकनीकी कर्मचारियों और पेंशनरों को न्याय मिल सके।
प्रदेश महामंत्री जयगोपाल जोशी सहित कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। कई बार ज्ञापन और वार्ताओं के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है और यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।
बजट संवाद में उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई की मांग :
संघ ने अपने ज्ञापन में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित बजट संवाद कार्यक्रम में संगठन को आमंत्रित किया गया था और कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा भी हुई थी, लेकिन अब तक अधिकांश मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत दे।
ये है कर्मचारियों की प्रमुख मांगें :
* समर्पित अवकाश का नकद भुगतान किया जाए।
* सहायक पद पर पदोन्नति से वंचित रह गए 8वीं पास बेलदारों को सहायक बनाया जाए।
* मंत्रालयिक कार्य कर रहे कर्मचारियों को पूर्व की भांति स्टोर मुंशी का दर्जा दिया जाए।
* फोरमेन का ग्रेड पे बढ़ाकर 3600 रुपये किया जाए।
* तकनीकी कर्मचारियों को 9-18-27 के स्थान पर 8-16-24-32 वर्ष की ग्रेडेशन योजना का लाभ दिया जाए।
* विभाग में तकनीकी कर्मचारियों की नई भर्ती की जाए तथा संविदा, प्लेसमेंट और दैनिक वेतनभोगी कार्मिकों को प्राथमिकता दी जाए।
* सभी उपखंड और खंड कार्यालयों में तकनीकी पदों का समान वितरण सुनिश्चित किया जाए।
बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद :
धरना-प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष हरीराम टाक, संभाग महामंत्री बालकिशन गहलोत, जिला महामंत्री नंदकिशोर रंगा, ओमप्रकाश चारण, फूलाराम विश्नोई, मनोज कुमार नाई, रामनिवास शर्मा, शंकर जगावत, जयप्रकाश मारू, कैलाश मेघवाल, भंवरनाथ योगी, भंवरलाल जोशी, गोपाल सुथार, ओमप्रकाश पुरोहित, महेश मीणा, चुन्नी सिंह मीणा, विष्णु स्वामी, अजय भाटी, अशोक स्वामी, राजेंद्र सिंह, योगेंद्र जांगिड़, गिरिराज आचार्य सहित जिले भर के कर्मचारी उपस्थित रहे।

