रणजीतपुरा हत्याकांड: देवीसिंह-भंवरसिंह एक धरने पर, आर्थिक मदद पर अटकी बात का गतिरोध टूटा!
देवीसिंह-भंवरसिंह भाटी ने एक-एक लाख का सहयोग घोषित किया
बाकी लोगों ने घोषणा की, 30 लाख तक की राशि की मदद का दावा!
RNE Bajju-Bikaner.
राजस्थान के बीकानेर जिले में स्कूल जा रही आठवीं की छात्रा से दुष्कर्म-हत्या के मामले में चल रहे प्रदर्शन-पड़ाव का आखिरकार मंगलवार को चौथे दिन पटाक्षेप हो गया। इससे पहले बज्जू में मोर्चरी पर चल रहे धरने पर जहां तीन दिन से कांग्रेस नेता पूर्वमंत्री भंवरसिंह भाटी, महेन्द्र गहलोत, भागीरथ तेतरवाल, श्याम सिंह भाटी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे वहीं मंगलवार को भाजपा नेता पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी भी पहुंचे।

देवीसिंह भाटी ने इस मामले को दर्दनाक बताते हुए अपराधियों को किसी तरह की मदद और पैरवी नहीं करने का आह्वान करते हुए उनके सामाजिक बहिष्कार की बात कही। इसके साथ ही जल्द पोस्टमार्टम करवाकर दुष्कर्म के सबूत सुरक्षित रखने की जरूरत जताई। पीड़ित परिवार को सरकार के साथ सामाजिक और व्यक्तिगत तौर पर भी आर्थिक मदद का आह्वान करते हुए अपनी ओर से एक लाख रुपए मदद की घोषणा की।

दूसरी ओर धरने पर मौजूद पूर्वमंत्री भंवरसिंह भाटी, गणपतराम खीचड़, महेन्द्र गहलोत, भागीरथ तेतरवाल सहित प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े थे कि मृतका के हत्यारे को कड़ी सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक मंे मामला चले। इसके साथ ही एक करोड़ रुपए आर्थिक मदद की घोषणा अधिकृत स्तर पर हो तभी पड़ाव स्थगित होगा। इस बीच भंवरसिंह भाटी ने भी अपनी ओर से एक लाख रुपए देने की घोषणा की। वहां मौजूद कई लोग आर्थिक मदद को आगे आए।

ऐसे में धरने पर एक बार फिर प्रशासन से टकराव जैसी स्थिति बनी रही। प्रशासनिक स्तर पर मदद का प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया गया जिसे प्रदर्शनकारियों ने स्वीकार नहीं किया। वे पूरे मामले में ठोस कार्रवाई चाहते थे। इतना ही नहीं परिवार के एक व्यक्ति को संविदा पर नौकरी की बात पर भी अड़े रहे।

ऐसे मंे एकबारगी लगने लगा कि चौथे दिन भी पड़ाव टालना मुश्किल होगा मगर कुछ प्रशासनिक स्तर पर सरकार से बात चली। कुछ देवीसिंह भाटी ने उच्चाधिकारियों के साथ ही मंत्रियों से संवाद किया। इसके साथ ही मौके पर मौजूद लोग भी मदद को आगे आने लगे। ऐसे में घोषणाओं और आश्वासन के मुताबिक आर्थिक मदद का आंकड़ा 30 से 40 लाख रुपए के बीच पहुंचने लगा। संविदा नौकरी का आश्वसन मिला और फास्ट ट्रैक मंे मामला ले जाकर आरोपी को कड़ी सजा दिलवाने की बात कही गई। इसके बाद सभी ने एक राय होकर पोस्टमार्टम करवाने और पड़ाव स्थगित करने पर सहमति दी।

प्रदर्शनकारियों ने कहा, अभी फिलहाल अंतिम संस्कार के लिहाज से पड़ाव स्थगित किया जा रहा है। मृतका को न्याय मिलने और पीड़ित परिवार को सहायता मिलने में कहीं भी रुकावट होती नजर आई तो सब एक आवाज में इस परिवार के साथ खड़े होंगे।
मामला क्या है :
बीकानेर जिले के पाक सीमा से सटे रणजीतपुरा थाना इलाके में 21 फरवरी को 8वीं क्लास की छात्रा बोर्ड एग्जाम देने घर से निकली। लगभग डेढ़ घंटे बाद स्कूल से फोन आया कि वह परीक्षा देने नहीं पहुंची। घरवालों ने तलाश किया तो कुछ ही दूरी पर उसका शव मिल गया। प्रथम दृष्टया ही उसके साथ दुष्कर्म, हत्या का अंदेशा हो गया।
यूं चला घटनाक्रम :
यह घटना सामने आने के बाद से ही एक ओर आक्रोश बढ़ रहा वहीं दूसरी ओर पुलिस भी जी तोड़ कोशिश में जुट गई। पहले गांव में ही आक्रोशित लोग शव को घेरकर बैठ गए। बाद में शव बज्जू मोर्चरी लाया गया जहां दो दिन से पड़ाव है। पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत सहित सैकड़ों लोग धरने पर बैठे। बज्जू के बाजार बंद रहे और शाम को कैंडल मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था, जब तक हत्यारे गिरफ्तार नहीं होते और पीड़िता को इंसाफ नहीं मिलता तब तक पोस्टमार्टम करवाकर शव नहीं लेंगे।
विधानसभा में जोरदार हंगामा :

इस मुद्दे पर सोमवार को राजस्थान विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। सूरतगढ विधायक डूंगरराम गेदर ने मुद्दा उठाया। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सरकार से जवाब तलब करने पर अड़ गए। गृह राज्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। जूली ने कहा, हत्यारे को कब गिरफ्तार करोगे यह पूछना राजनीति नहीं है।
दूसरी ओर पुलिस SP कावेंद्र सिंह सागर ने पूरी फोर्स की ताकत झोंककर टीमें बनाई। जगह जगह दबिश और पड़ताल चली। आखिरकार आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिल गई।

