RudraNewsExpress_Logo

एसपी मेडिकल कॉलेज की सेंटिनल साइट पर चार बीमारियों की जांच उपलब्ध, जल्द शुरू होगी टॉक्सोप्लाज्मोसिस जांच
 

 

RNE Bikaner

बीकानेर। जूनोटिक रोगों की समय पर पहचान, प्रभावी निगरानी और आधुनिक जांच सुविधाओं के विस्तार की दिशा में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर की तैयारियों की शुक्रवार को समीक्षा हुई। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहायक निदेशक डॉ. जितेश कुवातड़ा ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग में संचालित सेंटिनल सर्विलांस साइट का विस्तृत निरीक्षण किया। उनके साथ डॉ. सोहनटप्पन और डॉ. अनु नागर भी मौजूद रहे।

नेशनल वन हेल्थ प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ जूनोसिस (NOHP-PCZ) के अंतर्गत संचालित इस साइट पर टीम ने जांच व्यवस्था, रोग निगरानी, रिपोर्टिंग और प्रशिक्षण गतिविधियों की प्रगति जानी। बीकानेर में 24 एवं 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले RAJIAPSM CON 2026 में भाग लेने आए डॉ. कुवातड़ा ने इस दौरे के दौरान साइट की उपलब्धियों और आगामी आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। विभाग में आगमन पर विभागाध्यक्ष डॉ. तरूणा स्वामी ने बुके भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया।

अप्रैल 2023 से संचालित साइट की प्रगति प्रस्तुत

प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. अंजलि गुप्ता के निर्देशन में अप्रैल 2023 से संचालित साइट की प्रगति रिपोर्ट को-प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर एवं वरिष्ठ प्रदर्शक डॉ. दीप शिखर आचार्य ने प्रस्तुत की। उन्होंने जांच सेवाओं, सैंपल प्रबंधन, नियमित डेटा रिपोर्टिंग और विभिन्न स्तरों पर समन्वय की व्यवस्था से टीम को अवगत कराया।

डॉ. आचार्य ने बताया कि साइट पर वर्तमान में ब्रुसेलोसिस, स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस और इकाइनोकोकोसिस की जांच सुविधा उपलब्ध है। शीघ्र ही टॉक्सोप्लाज्मोसिस की जांच भी शुरू की जाएगी। सैंपल कलेक्शन से रिपोर्टिंग तक व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जा रही है तथा जिला और राज्य की आईडीएसपी टीमों के साथ नियमित समन्वय किया जाता है। आईएचआईपी-आईडीएसपी और जूनोसेस पोर्टल पर प्रतिदिन डेटा एंट्री की जा रही है।

जांच के साथ जागरूकता और प्रशिक्षण पर भी जोर

समीक्षा के दौरान बताया गया कि साइट की गतिविधियों में जनजागरूकता और स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण भी शामिल है। सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों के तहत आकाशवाणी इंटरव्यू, सुजस न्यूज वार्ता, पोस्टर प्रदर्शन और ओपीडी संवाद आयोजित किए गए हैं। मेडिकल एवं वेटरनरी विद्यार्थियों के लिए क्विज के साथ चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों तथा परिधीय स्वास्थ्य केंद्रों के लैब टेक्नीशियनों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

लैब की गुणवत्ता प्रक्रियाओं और एंटी रेबीज क्लिनिक का जायजा

डॉ. कुवातड़ा ने माइक्रोबायोलॉजी लैब स्थित सेंटिनल सर्विलांस साइट का भ्रमण कर उपकरणों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं का जायजा लिया। इसके बाद टीम ने ट्रॉमा सेंटर स्थित एंटी रेबीज क्लिनिक का भी निरीक्षण किया।

साइट की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा की। इसमें ब्रुसेल्ला की कल्चर एवं मॉलिक्यूलर जांच, रेबीज निदान तथा QGIS के उपयोग के लिए अतिरिक्त व्यावहारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता प्रमुख रही।

निरीक्षण के दौरान  अशोक, साइंटिस्ट-बी; लैब टेक्नीशियन हीरालाल माली, नीरज एवं  रानी तथा डेटा एंट्री ऑपरेटर मोहम्मद आदिल और देव करण किराडू उपस्थित रहे।

  • “जूनोटिक रोगों की रोकथाम के लिए मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े विभागों का समन्वय आवश्यक है।
  • एसपी मेडिकल कॉलेज में जांच और रोग निगरानी की क्षमताओं को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है।
  • एनसीडीसी टीम का मार्गदर्शन आधुनिक जांच सुविधाओं और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने में उपयोगी होगा।
  • हमारा प्रयास है कि समय पर रोग पहचान, विश्वसनीय जांच और जनजागरूकता का लाभ आमजन तक पहुंचे।”

FROM AROUND THE WEB