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विचार-गोष्ठी में पारदर्शिता और जवाबदेही पर हुई चर्चा
 

 

RNE Bikaner

बीकानेर। सूचना का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में सूचना आयोगों की भूमिका अहम है। आयोगों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और आमजन को इस कानून का लाभ दिलाना समय की आवश्यकता है।
यह विचार तमिलनाडु के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं तमिलनाडु सूचना आयोग के पूर्व अध्यक्ष शकील अख़्तर ने सागर होटल में आयोजित विचार-गोष्ठी में व्यक्त किए। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, बीकानेर एवं डॉ. तनवीर मालावत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के संयुक्त तत्वावधान में सागर होटल में “सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के प्रवर्तन में आयोगों की भूमिका और दशा-दिशा” विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई।
मुख्य वक्ता शकील अख़्तर ने सूचना अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, सूचना आयोगों की जिम्मेदारियों तथा प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने से जुड़े पहलुओं पर विचार रखे। उन्होंने विषय के विभिन्न आयामों पर चर्चा करते हुए सूचना के अधिकार को नागरिकों के सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन डॉ. तनवीर मलावत ने देते हुए शकील अख्तर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ साहित्यकार एवं इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी बीकानेर ब्रांच के अध्यक्ष राजेन्द्र जोशी ने सूचना के अधिकार एवं समाज की भूमिका को जोड़ते हुए स्पष्ट किया कि सूचना का उपयोग जनहित में होना चाहिए। जोशी ने कहा कि सूचना के अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके प्रभावी प्रवर्तन से जुड़े मुद्दों पर विमर्श करना समय की जरूरत है।
इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट वाइस चेयरमैन विजय खत्री ने बताया कि सूचना अधिकार अधिनियम ने नागरिकों को सरकारी कामकाज से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया है।
विषय प्रवर्तन करते हुए सुरेन्द्र बिश्नोई ने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सूचना आयोगों की सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली आवश्यक है।
इस अवसर पर शकील अख्तर का नागरिक अभिनंदन किया गया, अभिनंदन पत्र का वाचन साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार ने किया ।अतिथियों ने शकील अख्तर को अभिनंदन पत्र , शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य लोग  
भंवर भादाणी, डॉ. नरेश गोयल, दीपचंद सांखला ,गजेन्द्र सिंह, डॉ. पूजा मोहता,रितेश व्यास,ओम प्रकाश सारस्वत ,मदन गोपाल मेघवाल ,हेम रार्मा,अशफाक कादरी, बी.एम. रामावत, डा. सुरेन्द्र सिंह, डॉ. फारुक चौहान, 
डॉ. गौरी शंकर प्रजापत,डॉ. नासिर जैदी ,अक्षय खत्री, आनंद सिंह सोढ़ा ,शत्रुधन, आनंद गुप्ता ,विजय एरी ,डॉ रामलाल परिहार, अरविंद मिढ्ढा ,अश्वनी मिढ्ढा, जयनारायण बिस्सा ने खुली चर्चा में सवाल-जवाब किए।
अंत में समीक्षक अशफाक कादरी ने आभार प्रकट किया।
विचार-गोष्ठी के पश्चात ख्यातनाम ट्रम्पेट वादक आमिर ने ट्रम्पेट वादन की संगीतमय प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांगीतिक रंग भर दिया और उपस्थित लोगों ने संगीत का आनंद लिया।

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