कथा वाचक पंडित गिरिराज जोशी ने भक्त नरसी मेहता के जीवन और उनकी प्रभु भक्ति का मार्मिक वर्णन किया।
RNE Bikaner
बीकानेर, गोपेश्वर बस्ती स्थित शिव-पार्वती मंदिर माली समाज भवन में चल रही पांच दिवसीय “नानी बाई रो मायरो” कथा के चतुर्थ दिवस श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कथा वाचक पंडित गिरिराज जोशी ने भक्त नरसी मेहता के जीवन और उनकी प्रभु भक्ति का मार्मिक वर्णन किया।

पंडित जोशी ने बताया कि भक्त नरसी मेहता ने अपनी पुत्री नानी बाई के मायरे की तैयारी की और मायरा लेकर अपनी पुत्री के घर पहुंचे। नरसी मेहता ने जीवन में अनेक कठिनाइयों और विपरीत परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी भी प्रभु भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा। कथा के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर के प्रति आस्था और विश्वास बनाए रखना चाहिए।
चतुर्थ दिवस की कथा में हरि शरणम ग्रुप तथा संत श्री गोपी राम जी भी पधारे और श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
आयोजकों के अनुसार 23 अगस्त 2026 को शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक नानी बाई का मायरा बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ भरा जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
वहीं, कथा आयोजन से पूर्व दिव्य ज्योति संस्थान के तत्वावधान में पांच दिवसीय शिव पुराण कथा भी चल रही है। शिव कथा का वाचन आशुतोष जी महाराज के परम शिष्य स्वामी विज्ञानानंद जी द्वारा किया जा रहा है। शिव पुराण कथा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है।
धार्मिक आयोजनों के चलते शिव-पार्वती मंदिर माली समाज भवन में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है।

